North Korea
North Korea: उत्तर कोरिया की सैन्य महत्वाकांक्षाएं एक बार फिर वैश्विक चर्चा का केंद्र बन गई हैं। तानाशाह किम जोंग उन ने रविवार को अपने नवीनतम और सबसे शक्तिशाली युद्धपोत से मिसाइल परीक्षणों का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण किया। इस कदम के साथ ही उन्होंने अपनी नौसेना को परमाणु हथियारों से लैस करने और अपनी समुद्री ताकत को असीमित रूप से बढ़ाने का खुला ऐलान किया है।
उत्तर कोरिया के आधिकारिक मीडिया ‘रोडोंग सिनमुन’ के अनुसार, किम जोंग उन ने रविवार को देश के नए 5,000 टन श्रेणी के विध्वंसक पोत ‘चोए ह्योन’ से मिसाइल प्रक्षेपण का अवलोकन किया। इस अत्याधुनिक युद्धपोत का अनावरण अप्रैल 2025 में किया गया था और इसे उत्तर कोरियाई नौसेना की नई रीढ़ माना जा रहा है। परीक्षण के दौरान इस पोत से दो रणनीतिक क्रूज मिसाइलों और तीन जहाज-रोधी मिसाइलों को दागा गया। राज्य मीडिया द्वारा जारी तस्वीरों में किम जोंग उन को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ युद्धपोत पर खड़े होकर मिसाइलों के सफल प्रक्षेपण का जश्न मनाते हुए देखा जा सकता है।
समाचार पत्रों की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को किया गया यह परीक्षण बेहद सफल रहा। दागी गई क्रूज मिसाइलों ने देश के पश्चिमी समुद्री क्षेत्र के ऊपर दो घंटे से अधिक समय तक पूर्व निर्धारित पथ पर उड़ान भरी। वहीं, जहाज-रोधी मिसाइलें लगभग 30 मिनट तक हवा में रहीं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सभी मिसाइलों ने अपने लक्ष्यों पर सटीक प्रहार किया। यह परीक्षण उत्तर कोरिया की उस तकनीकी क्षमता को दर्शाता है, जिसके माध्यम से वह लंबी दूरी तक मार करने वाले परमाणु-सक्षम हथियारों को समुद्र से संचालित कर सकता है।
मिसाइल परीक्षणों के सफल समापन के बाद किम जोंग उन ने अपनी सेना को संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी सरकार का मुख्य लक्ष्य परमाणु बलों का “असीमित विस्तार” करना है। किम ने नौसेना के परमाणु शस्त्रीकरण की गति को और तेज करने का संकल्प लेते हुए अधिकारियों को नए कार्य सौंपे। उन्होंने वर्तमान में निर्माणाधीन तीसरे और चौथे विध्वंसक जहाजों की हथियार प्रणालियों की योजनाओं की भी समीक्षा की। किम का मानना है कि समुद्र में परमाणु हमले की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता ही देश की सुरक्षा का एकमात्र विकल्प है।
किम जोंग उन ने ‘चोए ह्योन’ के विकास को अपनी सेना की परिचालन पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया है। सरकारी मीडिया के दावों के अनुसार, इस विध्वंसक पोत को बहुआयामी प्रणालियों को ले जाने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। इसमें न केवल वायु-रोधी और जहाज-रोधी हथियार शामिल हैं, बल्कि यह परमाणु-सक्षम बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों को लॉन्च करने में भी पूरी तरह सक्षम है। यह पोत उत्तर कोरिया को दुश्मन के इलाकों में पूर्वव्यापी हमले (Pre-emptive Strike) करने की जबरदस्त शक्ति प्रदान करता है।
उत्तर कोरिया के इस बढ़ते सैन्य कौशल ने दक्षिण कोरिया और उसके सहयोगी देशों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। दक्षिण कोरियाई अधिकारियों और विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया द्वारा इतनी कम अवधि में 5,000 टन श्रेणी का विध्वंसक तैयार करना संभवतः रूस की गुप्त तकनीकी सहायता के बिना संभव नहीं था। बढ़ते रक्षा संबंधों के बीच मास्को और प्योंगयांग के बीच सैन्य सूचनाओं के आदान-प्रदान की अटकलें तेज हैं। हालांकि, कुछ अंतरराष्ट्रीय सैन्य विशेषज्ञ अभी भी ‘चोए ह्योन’ की वास्तविक सक्रिय सेवा और युद्ध की स्थिति में इसकी प्रभावशीलता पर सवाल उठा रहे हैं।
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