Kota Voter List: कोटा नगर निगम चुनाव के बीच वार्ड नंबर 29 की मतदाता सूची में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां एक मतदाता के नाम और पते की जानकारी तो दर्ज है, लेकिन उसकी तस्वीर के स्थान पर भगवान हनुमान जी महाराज की फोटो लगी हुई है। मामला सामने आने के बाद संबंधित मतदाता की तलाश की जा रही है। वहीं, इस घटना ने मतदाता सूची तैयार करने और सत्यापन प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
भाग संख्या 12 में दर्ज है मतदाता का नाम
जानकारी के मुताबिक, यह मामला वार्ड नंबर 29 की भाग संख्या 12 से जुड़ा है। मतदाता सूची में क्रमांक 1294 पर 35 वर्षीय जगदीश पुत्र रामचंद्र का नाम दर्ज है। रिकॉर्ड में उनका पता प्रेम नगर सेकंड, कंसुआ क्षेत्र के मकान नंबर 6 के तौर पर दर्ज किया गया है। हालांकि, सूची में जहां मतदाता की तस्वीर होनी चाहिए, वहां जगदीश की फोटो के बजाय भगवान हनुमान जी की तस्वीर दिखाई दे रही है।
दस दिनों से मतदाता की तलाश में जुटे बीएलओ
मामला सामने आने के बाद क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ करीब 10 दिनों से संबंधित मतदाता जगदीश की तलाश कर रहे हैं। हालांकि, अब तक उनका पता नहीं चल सका है। खास बात यह भी है कि मतदाता सूची में जगदीश का मोबाइल नंबर दर्ज नहीं है। ऐसे में अधिकारी के लिए संबंधित व्यक्ति से संपर्क करना और उसका सत्यापन करना मुश्किल हो रहा है।
मतदाता सत्यापन प्रक्रिया पर उठे सवाल
इस पूरे मामले ने चुनावी प्रक्रिया में मतदाता सत्यापन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि जब सूची में किसी मतदाता की तस्वीर दर्ज की जाती है तो उसकी जगह भगवान हनुमान की तस्वीर कैसे पहुंच गई। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि संबंधित मतदाता के नाम और पते का सत्यापन किस स्तर पर किया गया था और फोटो से जुड़ी गलती कब हुई।
बीएलओ ने नाम जोड़ने से किया इनकार
क्षेत्र के बीएलओ राजेश गुप्ता ने इस मामले में अपना पक्ष स्पष्ट किया है। उनका कहना है कि उन्होंने न तो जगदीश नाम के इस मतदाता का सत्यापन किया और न ही उसका नाम मतदाता सूची में जोड़ा। बीएलओ के मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया के बाद यह नाम सूची में शामिल हुआ। उन्होंने बताया कि कुछ आवेदन सीधे कार्यालय में भी प्राप्त हुए थे। पूरे मामले की जानकारी रिटर्निंग ऑफिसर को दे दी गई है।
भाजपा प्रत्याशी ने जताई मानवीय गलती की संभावना
वार्ड नंबर 29 से भाजपा प्रत्याशी बद्री आर्य ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी कार्यकर्ताओं के माध्यम से मिली। उन्होंने संभावना जताई कि संबंधित व्यक्ति वास्तविक मतदाता हो सकता है और तस्वीर लगाने के दौरान मानवीय गलती हुई होगी। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच और संबंधित मतदाता की तलाश जारी है।
पुराना मामला भी आया सामने
इस घटना के बीच बीएलओ ने वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव से जुड़ा एक पुराना मामला भी बताया। उनके अनुसार, उस समय भी एक मतदाता की तस्वीर की जगह अलमारी की फोटो मतदाता सूची में लग गई थी। बाद में इस गलती को ठीक कर दिया गया था। इससे साफ है कि फोटो संबंधी ऐसी त्रुटियां पहले भी सामने आती रही हैं।
जांच के बाद ही सामने आएगी पूरी सच्चाई
वार्ड 29 की मतदाता सूची में भगवान हनुमान की तस्वीर लगने का मामला फिलहाल चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन संबंधित मतदाता का पता लगाने के साथ रिकॉर्ड की जांच कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि तस्वीर बदलने की गलती कहां हुई, इसके पीछे तकनीकी या मानवीय कारण क्या था और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को देखते हुए इस मामले में जल्द स्थिति स्पष्ट होना जरूरी माना जा रहा है।
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