Purnia News: बिहार के सीमांचल क्षेत्र स्थित पूर्णिया जिले से रविवार को एक बड़े हादसे की खबर सामने आई है। अमौर प्रखंड की तियरपारा पंचायत के असियानी घाट पर बना वर्षों पुराना लोहे का पुल अचानक भरभराकर गिर गया। हादसा उस समय हुआ, जब एक 16 चक्का भारी ट्रक पुल के ऊपर से गुजर रहा था। ट्रक जैसे ही पुल के बीच वाले हिस्से में पहुंचा, जर्जर हो चुका लोहे का ढांचा भारी वजन का दबाव नहीं सह सका और तेज आवाज के साथ टूटकर परमान नदी में जा गिरा।
ट्रक के नदी में गिरने से मचा हड़कंप
पुल के टूटते ही भारी ट्रक नदी में समा गया, जिसके बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक में चालक और खलासी दोनों मौजूद थे। पुल टूटने के बाद उनके भी ट्रक के साथ नदी में गिरने की आशंका जताई जा रही है।
चालक और खलासी की तलाश में जुटी रेस्क्यू टीम
हादसे के बाद चालक और खलासी की स्थिति को लेकर अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। आशंका है कि दोनों नदी के तेज बहाव या दुर्घटनाग्रस्त ट्रक के मलबे में फंस सकते हैं। हालांकि, प्रशासन की ओर से फिलहाल किसी व्यक्ति के हताहत होने या सुरक्षित बाहर निकलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
SDRF ने संभाला नदी में सर्च ऑपरेशन
घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य आपदा मोचन बल यानी SDRF को भी रेस्क्यू अभियान के लिए लगाया गया है। टीम नदी में संभावित स्थानों पर चालक और खलासी की तलाश कर रही है। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें भी अभियान में सहयोग कर रही हैं। नदी के तेज बहाव के कारण बचाव अभियान में चुनौतियां आने की बात सामने आ रही है।
जलालगढ़-अमौर मार्ग पर पूरी तरह थमा आवागमन
असियानी घाट का पुल गिरने से जलालगढ़-अमौर मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया है। यह मार्ग अमौर के साथ-साथ अररिया जिले के जोकीहाट क्षेत्र को भी जोड़ता है। पुल के ध्वस्त होने के बाद इस महत्वपूर्ण सड़क मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया है। इससे आसपास की कई पंचायतों के लोगों का जिला मुख्यालय और स्थानीय बाजारों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है।
दर्जनों गांवों का संपर्क प्रभावित, लोगों की बढ़ी परेशानी
पुल टूटने का सीधा असर आसपास रहने वाली बड़ी आबादी पर पड़ा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस रास्ते से रोजाना बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते थे। अब मार्ग बंद होने से ग्रामीणों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ेगा। इससे लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करने के साथ समय और परिवहन लागत भी बढ़ने की आशंका है।
जर्जर पुल को लेकर ग्रामीण पहले से जता रहे थे चिंता
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि असियानी घाट पर बना लोहे का पुल लंबे समय से जर्जर हालत में था। ग्रामीणों का आरोप है कि पुल की कमजोर स्थिति के बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई। लोगों का दावा है कि पुल के आसपास पर्याप्त चेतावनी बोर्ड या बैरियर नहीं लगाए गए थे, जिसके कारण भारी और कथित तौर पर ओवरलोड वाहन भी इस रास्ते से गुजरते रहे।
नए पुल के निर्माण में देरी से लोगों में नाराजगी
असियानी घाट के पास नए पक्के पुल का निर्माण भी चल रहा है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि काम की रफ्तार बेहद धीमी है। लोगों का कहना है कि यदि नया पुल समय पर तैयार हो जाता तो पुराने और कमजोर पुल पर निर्भरता कम हो सकती थी। निर्माण कार्य में कथित देरी को लेकर स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।
हादसे ने खड़े किए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
पूर्णिया के असियानी घाट पर पुल गिरने की घटना ने पुराने पुलों की सुरक्षा और भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता नदी में फंसे लोगों की तलाश और राहत-बचाव अभियान है। हादसे के बाद यह भी जांच का विषय होगा कि जर्जर पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही क्यों जारी थी और सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम पहले क्यों नहीं किए गए।
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