Krishna Janmashtami 2025 : भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। यह दिन भक्तों के लिए आस्था, प्रेम और भक्ति से भरा होता है। इस विशेष अवसर पर भगवान कृष्ण का अभिषेक, श्रृंगार, और उन्हें झूला झुलाने की परंपरा निभाई जाती है। लेकिन बहुत से लोग यह नहीं जानते कि भगवान कृष्ण की प्रतिमा और झूले की दिशा का विशेष महत्व होता है।
वास्तु शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा या झूला आपको उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में स्थापित करना चाहिए। यह दिशा सकारात्मक ऊर्जा और ईश्वर की उपस्थिति का प्रतीक मानी जाती है।यदि ईशान कोण संभव न हो, तो आप पूर्व या उत्तर दिशा का भी चयन कर सकते हैं। झूले में बैठे कृष्ण जी का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
लकड़ी का झूला सबसे शुभ माना जाता है।
यदि लकड़ी का झूला उपलब्ध न हो तो आप लोहे या स्टील के झूले का भी प्रयोग कर सकते हैं।
झूला थोड़ा ऊँचा होना चाहिए, इसके लिए आप झूले को किसी चौकी या मंच पर रख सकते हैं।
झूले में लाल मखमल का कपड़ा बिछाएं।
फूलों से झूले की सजावट करें।
झूले में छोटा तकिया या गद्दा अवश्य रखें।
भगवान कृष्ण को सुंदर वस्त्र पहनाएं और उनके मस्तक पर मोरपंख अवश्य लगाएं।
लड्डू गोपाल की सेवा करने वाले भक्तों को दिन में चार बार झूला झुलाना चाहिए।
साथ ही चार बार भोग लगाना भी विशेष फलदायक माना जाता है।
भोग में माखन, मिश्री, दूध, फल और मिठाई रखें।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धा और नियमपूर्वक झूला झुलाने और पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि, वैवाहिक जीवन में आनंद, और जीवन की समस्याओं में कमी आती है। ऐसा माना जाता है कि जितनी श्रद्धा से आप भगवान कृष्ण का श्रृंगार और झूला सजाते हैं, उतनी ही तीव्रता से कृष्ण कृपा आपके जीवन में आती है।
Nautapa Remedies : साल 2026 में नौतपा की शुरुआत 25 मई से हो चुकी है,…
Fake Job Racket : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं…
Chhattisgarh Waqf Board : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से मुस्लिम समुदाय के पवित्र त्योहार ईद-उल-अजहा…
Bijapur Fire : छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और नुकसानदेह…
Bilaspur Crime : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक दिल दहला देने वाला सनसनीखेज मामला…
Padma Vibhushan 2026 : भारतीय सिनेमा के इतिहास में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले और…
This website uses cookies.