Larry Ellison : टेक्नोलॉजी जगत के दिग्गज और ओरेकल के सह-संस्थापक लैरी एलिसन पहली बार दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हैं। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, लैरी एलिसन की कुल संपत्ति 393 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई है, जो एलोन मस्क की 385 बिलियन डॉलर की संपत्ति से कहीं अधिक है। 81 साल की उम्र में इस मुकाम को हासिल करना कोई मामूली बात नहीं है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लैरी एलिसन ने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की? आइए जानते हैं उनके शिक्षा और करियर की कहानी।

लैरी एलिसन कौन हैं?
लैरी एलिसन अमेरिकी टेक उद्यमी हैं, जिन्होंने 1977 में ओरेकल कॉर्पोरेशन की सह-स्थापना की थी। वे एक समय कंपनी के सीईओ भी रह चुके हैं और फिलहाल कंपनी में कार्यकारी अध्यक्ष तथा मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ओरेकल सॉफ्टवेयर और क्लाउड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक वैश्विक दिग्गज कंपनी बन चुकी है।

लैरी एलिसन की पढ़ाई: ग्रेजुएट नहीं, फिर भी सफलतम
लैरी एलिसन ने अपनी उच्च शिक्षा पूरी नहीं की। उन्होंने इलिनोइस विश्वविद्यालय, अर्बाना-शैंपेन में दाखिला लिया था, लेकिन यहां से अपनी डिग्री पूरी किए बिना ही कॉलेज छोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने शिकागो विश्वविद्यालय में एडमिशन लिया, जहां उन्होंने भौतिकी और गणित का अध्ययन किया, लेकिन यहां भी ग्रेजुएशन पूरी नहीं की।
शिक्षा बीच में छोड़ने के बाद भी लैरी ने अपने करियर में जो मुकाम हासिल किया है, वह प्रेरणादायक है। उन्होंने अपने जीवन की शुरुआत डेटाबेस कोड लिखने से की और जल्द ही उन्होंने सॉफ्टवेयर विकास प्रयोगशालाओं की स्थापना की। यह प्रयोगशाला बाद में ओरेकल कॉर्पोरेशन के रूप में जानी गई।
लैरी एलिसन की संपत्ति और सफलता का राज़
लैरी एलिसन की संपत्ति में जबरदस्त उछाल 2023 में आया, जब ओरेकल के शेयरों में 40 फीसदी की रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई। एक दिन में उनकी कुल संपत्ति 100 अरब डॉलर से बढ़कर 393 अरब डॉलर तक पहुंच गई, जिससे वे दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए।
उनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण उनका विजन, टेक्नोलॉजी की गहरी समझ और व्यवसाय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि ग्रेजुएशन होना सफलता की अनिवार्यता नहीं है, बल्कि जुनून, समर्पण और नवाचार से बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है।
लैरी एलिसन का करियर और योगदान
लैरी ने ओरेकल को दुनिया की सबसे बड़ी डेटाबेस और क्लाउड कम्प्यूटिंग कंपनियों में से एक बना दिया। 2014 तक वे कंपनी के सीईओ रहे, जिसके बाद उन्होंने कार्यकारी अध्यक्ष और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी के पद पर काम करना शुरू किया। उन्होंने तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा दिया और ओरेकल को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया।
लैरी एलिसन की कहानी हमें यह सिखाती है कि सफलता का रास्ता हमेशा पारंपरिक शिक्षा से होकर नहीं गुजरता। मेहनत, लगन और सही दिशा में काम करने से दुनिया में कुछ भी संभव है। आज लैरी एलिसन उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा हैं जिन्होंने पढ़ाई बीच में छोड़ी हो या जिनके पास संसाधनों की कमी हो।
ओरेकल के सह-संस्थापक लैरी एलिसन की इस सफलता की कहानी न केवल टेक्नोलॉजी जगत के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है।










