Pakistan Terror Plot: पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के डिप्टी चीफ और पहलगाम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड सैफुल्लाह कासूरी ने एक बार फिर भारत के खिलाफ ज़हर उगला है। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली धमकी दी है और पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की तारीफों के पुल बांधे हैं। यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंध पहले से ही सुर्खियों में हैं।

सैफुल्लाह की धमकी और पाकिस्तान की चुप्पी
वीडियो में आतंकी सैफुल्लाह ने कहा, “मैं फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से आग्रह करता हूं कि वे पीएम मोदी को वैसा ही सबक सिखाएं जैसा हमने 10 मई 2025 को सिखाया था।” लेकिन हकीकत ये है कि 10 मई की रात भारतीय सेना ने सीमा पार कर पाकिस्तानी आतंकी लॉन्च पैड्स को निशाना बनाते हुए करारा जवाब दिया था। पाकिस्तानी नेतृत्व और मीडिया ने अपने नागरिकों को खुश करने के लिए झूठे दावे किए, लेकिन सच्चाई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उजागर हो चुकी है।

पाकिस्तानी सेना के साथ आतंकी
4 सितंबर 2025 को सैफुल्लाह कासूरी को पाकिस्तानी सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ देखा गया था, जिससे साफ होता है कि पाकिस्तान की सेना और आतंकवाद के बीच गहरा गठजोड़ है। यह पाकिस्तान के दोहरे चेहरे को उजागर करता है—एक तरफ दुनिया के सामने खुद को आतंकवाद का शिकार बताना, और दूसरी ओर आतंकियों को मंच और संरक्षण देना।
वाटर टेररिज्म का झूठा आरोप
सैफुल्लाह ने भारत पर “वाटर टेररिज्म” का आरोप लगाते हुए कहा कि भारत ने जानबूझकर पाकिस्तान में बाढ़ लाने की साजिश रची। यह बयान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा 26 सितंबर को सिंधु जल संधि पर दिए गए आरोपों के बाद आया है। इससे साफ है कि पाकिस्तान की राजनीतिक और आतंकी मशीनरी मिलकर भारत के खिलाफ दुष्प्रचार फैला रही है।
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की भूमिका
संयुक्त राष्ट्र महासभा में शहबाज शरीफ ने एक बार भी पाकिस्तान में पल रहे आतंकवाद और उससे निपटने के उपायों का जिक्र नहीं किया। आतंकवाद पर पाकिस्तान की यह चुप्पी दर्शाती है कि वह अब भी आतंक को रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर स्पष्ट कर दिया है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को नहीं रोकता, तब तक किसी प्रकार की बातचीत संभव नहीं है।
सैफुल्लाह कासूरी जैसे आतंकियों के बयान और पाकिस्तान की चुप्पी इस बात का प्रमाण हैं कि पाकिस्तान आज भी आतंकवाद को शह दे रहा है। भारत की सुरक्षा एजेंसियां इस तरह की धमकियों को गंभीरता से लेते हुए कड़ी निगरानी और जवाबी रणनीति पर काम कर रही हैं। भारत ने हमेशा स्पष्ट किया है कि अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।
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