Lawrence Gang Secret Cabinet : बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर कथित हमले के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नेटवर्क और उसके संचालन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। खबर में दावा किया गया है कि गैंग से जुड़े अनिल पंडित ने एक ऑडियो संदेश के जरिए हमले की जिम्मेदारी ली। हालांकि, इस दावे और ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। इस घटनाक्रम ने सवाल खड़ा किया है कि लॉरेंस बिश्नोई और अनमोल बिश्नोई की स्थिति के बीच कथित तौर पर गैंग की गतिविधियां कौन संभाल रहा है।
विदेशों से संचालन के लिए ‘सीक्रेट कैबिनेट’ का दावा
एजेंसी सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, लॉरेंस गैंग के कुछ भरोसेमंद सहयोगी विदेशों में सुरक्षित ठिकानों से नेटवर्क चलाने में भूमिका निभा रहे हैं। इस कथित समूह को ‘सीक्रेट कैबिनेट’ कहा जा रहा है। बताया गया है कि इसका काम नेटवर्क के अलग-अलग हिस्सों के बीच तालमेल बनाए रखना और गतिविधियों को आगे बढ़ाना है। हालांकि, समूह की संरचना और सदस्यों की भूमिका से संबंधित इन दावों की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर स्पष्ट नहीं है।
कौन-कौन से नाम कथित कैबिनेट से जुड़े बताए गए?
रिपोर्ट में रणदीप मलिक, टाइसन बिश्नोई, अनिल पंडित, हैरी बॉक्सर, हरमन संधू, गोल्डी ढिल्लों, आरजू बिश्नोई, शुभम लोनकर और हिमांशु सोनीपत के नाम इस कथित समूह से जुड़े बताए गए हैं। आरोप है कि ये लोग नेटवर्क के लिए संसाधनों का प्रबंध करने, नए लोगों को जोड़ने और गतिविधियों से संबंधित जानकारियां साझा करने जैसे कामों में शामिल रहे हैं। इन व्यक्तियों के नामों और कथित भूमिकाओं को स्वतंत्र रूप से सत्यापित किए बिना इन्हें स्थापित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
रणनीति, फंडिंग और टारगेट तय करने को लेकर क्या दावा है?
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, आरजू बिश्नोई, शुभम लोनकर और रणदीप मलिक का एक अलग समूह भी बताया गया है। दावा है कि यह समूह हमलों की योजना, फंडिंग और संभावित निशाने तय करने जैसी गतिविधियों से जुड़ा हो सकता है। यदि ये आरोप जांच में सही साबित होते हैं, तो इससे संगठित अपराध नेटवर्क की कथित कार्यप्रणाली को समझने में मदद मिल सकती है। फिलहाल इन भूमिकाओं को जांच से प्रमाणित निष्कर्ष के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।
कौन है अनिल पंडित?
रिपोर्ट में अनिल पंडित को हरियाणा के पानीपत का निवासी बताया गया है। दावा है कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या के लगभग एक साल बाद वह कनाडा के रास्ते अमेरिका चला गया था। खबर के मुताबिक, विदेश जाने में लॉरेंस गैंग से जुड़े रणदीप मलिक ने उसकी मदद की थी। रणदीप मलिक पर दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में गंभीर आपराधिक गतिविधियों से संबंध होने के आरोप भी रिपोर्ट में बताए गए हैं। इन आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों या अदालत के रिकॉर्ड से की जानी चाहिए।
अनमोल बिश्नोई की गिरफ्तारी के बाद नेटवर्क में बदलाव का दावा
रिपोर्ट में कहा गया है कि अनमोल बिश्नोई की गिरफ्तारी के बाद नवंबर 2025 से रणदीप मलिक का प्रभाव बढ़ा। इसके बाद जनवरी 2026 से अनिल पंडित के उसके साथ काम करने और कथित नेटवर्क के संचालन में भूमिका निभाने का दावा किया गया है। इन घटनाक्रमों की समयरेखा और संबंधित व्यक्तियों की वास्तविक भूमिका की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से जरूरी है।
किन देशों और राज्यों तक फैले नेटवर्क का दावा?
रिपोर्ट के अनुसार, कथित नेटवर्क के तार अमेरिका, कैलिफोर्निया, पुर्तगाल, ब्रिटेन, यूरोप के अन्य हिस्सों, अजरबैजान और कनाडा के अलावा भारत में हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान तक जुड़े बताए गए हैं। यह दावा नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय विस्तार की ओर संकेत करता है, लेकिन इसकी वास्तविक पहुंच और संचालन संबंधी विवरण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकते हैं। पूरे मामले में ऑडियो की सत्यता, कथित सदस्यों की भूमिका और जांच एजेंसियों के आधिकारिक बयान महत्वपूर्ण होंगे।
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