LPG Rules
LPG Rules: मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण एलपीजी (LPG) की आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसी स्थिति में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध बिक्री को रोकने के लिए गैस कंपनियों ने एक नई व्यवस्था लागू की है, जिसे DAC (Delivery Authentication Code) कहा जाता है। यह एक प्रकार का डिजिटल प्रमाणीकरण कोड है, जो सिलेंडर की डिलीवरी को सुरक्षित बनाता है। जिस तरह आप ऑनलाइन पेमेंट या लॉगिन के लिए ओटीपी (OTP) का उपयोग करते हैं, ठीक उसी तरह सिलेंडर लेते समय आपको यह कोड डिलीवरी बॉय को देना होगा। इसके बिना सिलेंडर की डिलीवरी पूरी नहीं मानी जाएगी।
अक्सर शिकायतें आती थीं कि बुकिंग किसी और के नाम पर होती थी और सिलेंडर कहीं और डिलीवर हो जाता था। इस गड़बड़ी को रोकने के लिए अब बुकिंग कंफर्म होते ही ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक कोड भेजा जाता है। जब डिलीवरी मैन आपके घर सिलेंडर लेकर आता है, तो आपको उसे वह कोड दिखाना या बताना होता है। वह अपने डिवाइस में कोड दर्ज करेगा, जिसके बाद ही ट्रांजैक्शन सफल होगा। यह सुनिश्चित करता है कि सिलेंडर सही उपभोक्ता तक ही पहुंचे।
सामान्यतः बुकिंग के तुरंत बाद मैसेज के जरिए कोड मिल जाता है, लेकिन तकनीकी खराबी या नेटवर्क की समस्या के कारण कभी-कभी यह प्राप्त नहीं होता। ऐसी स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है। आप इसे खुद भी जेनरेट कर सकते हैं। सबसे आसान तरीका यह है कि आप घर आए डिलीवरी मैन से कहें कि वह अपने मोबाइल ऐप के जरिए कोड को ‘Re-send’ (दोबारा भेजें) कर दे। यदि वह इसमें असमर्थ है, तो आप कंपनी के आधिकारिक ऐप, व्हाट्सएप या एसएमएस का सहारा ले सकते हैं।
स्मार्टफोन यूजर्स अपनी गैस एजेंसी (जैसे Indane, HP या BharatGas) की आधिकारिक ऐप के माध्यम से आसानी से कोड देख सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले ऐप में लॉगइन करें और ‘My Bookings’ सेक्शन में जाएं। वहां अपनी हालिया बुकिंग पर क्लिक करें। बुकिंग डिटेल्स के साथ ही आपको DAC कोड लिखा हुआ मिल जाएगा। कुछ ऐप्स में ‘Generate DAC’ का बटन भी दिया होता है, जिसे दबाते ही नया कोड आपके स्क्रीन पर आ जाएगा। ध्यान रहे कि इसके लिए सिलेंडर का पहले से बुक होना अनिवार्य है।
यदि आप ऐप का उपयोग नहीं करना चाहते, तो व्हाट्सएप एक बेहतरीन विकल्प है। अपनी गैस एजेंसी के आधिकारिक नंबर पर ‘Hi’ लिखकर भेजें। वहां मेन्यू में आपको ‘Other Services’ का विकल्प मिलेगा, जिसमें ‘Get DAC Code’ पर क्लिक करके आप अपना कोड पा सकते हैं। इसके अलावा, पुराने तरीके यानी एसएमएस (SMS) के जरिए भी यह संभव है। आपको अपने रजिस्टर्ड नंबर से REFILL लिखकर संबंधित नंबर पर भेजना होगा। यदि बुकिंग पहले से है, तो कंपनी आपको रिप्लाई में ट्रैकिंग लिंक के साथ DAC कोड भेज देगी।
गैस कंपनियों द्वारा शुरू किया गया यह सुरक्षा तंत्र उपभोक्ताओं के हित में है। यह न केवल सिलेंडर की चोरी रोकता है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि सब्सिडी और सही वजन का सिलेंडर सीधे आप तक पहुंचे। इसलिए अगली बार सिलेंडर बुक करते समय अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर सक्रिय रखें और डिलीवरी के समय कोड साझा करना न भूलें। यह छोटी सी प्रक्रिया पूरे देश की वितरण प्रणाली को स्वच्छ और पारदर्शी बनाने में मदद करती है।
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