Share Market Crash
Share Market Crash : भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार, हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भी शेयर बाजार की शुरुआत बेहद कमजोर रही। बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव इतना अधिक था कि निवेशकों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती थीं। लगातार तीसरे दिन दर्ज की गई इस गिरावट ने बाजार के सेंटिमेंट को नकारात्मक बना दिया है। आंकड़ों की बात करें तो शुरुआती सत्र में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक ‘निफ्टी’ (Nifty) करीब 83.75 अंक यानी 0.35 प्रतिशत लुढ़ककर 24,088 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का ‘सेंसेक्स’ (Sensex) 312.44 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 77,325.24 के स्तर पर ट्रेड करता हुआ नजर आया।
आज के कारोबारी सत्र में बाजार को नीचे खींचने में सबसे बड़ी भूमिका आईटी (IT) और फार्मा (Pharma) सेक्टर के शेयरों ने निभाई। दिग्गज आईटी कंपनियां जैसे इंफोसिस (Infosys) और एचसीएल टेक (HCLTech) के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। इसके साथ ही फार्मा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी सिप्ला (Cipla) के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। इन बड़े शेयरों में कमजोरी आने से बेंचमार्क इंडेक्स पर दबाव बढ़ गया। बाजार विशेषज्ञों का विश्लेषण है कि कमजोर वैश्विक संकेतों, अमेरिकी बाजारों में उतार-चढ़ाव और घरेलू स्तर पर सेक्टर-विशिष्ट प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण इन क्षेत्रों में मुनाफावसूली हावी है।
आज का दिन भारतीय कॉरपोरेट जगत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि आज कुल 15 बड़ी कंपनियां अपने तिमाही नतीजों का ऐलान करने वाली हैं। इनमें सबसे प्रमुख नाम रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) का है। रिलायंस के नतीजे आज शाम घोषित किए जाएंगे, जिसका सीधा असर सोमवार को बाजार की चाल पर देखने को मिलेगा। रिलायंस के अलावा बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर से श्रीराम फाइनेंस, इंडसइंड बैंक और कैन फिन होम्स की रिपोर्ट आएगी। साथ ही अदानी ग्रीन एनर्जी, हिंदुस्तान जिंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज और जेनसर टेक्नोलॉजीज जैसी कंपनियां भी अपनी कमाई के आंकड़े पेश करेंगी। निवेशकों की नजर इन नतीजों पर टिकी है, क्योंकि इनके आधार पर संबंधित शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव (Volatility) की पूरी संभावना है।
बाजार में लगातार तीन दिनों से जारी गिरावट यह स्पष्ट संकेत दे रही है कि बुल्स (Bulls) फिलहाल बैकफुट पर हैं और बेअर्स (Bears) बाजार पर हावी हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक निफ्टी और सेंसेक्स प्रमुख सपोर्ट लेवल को पार नहीं करते, तब तक बाजार में स्थिरता आने की उम्मीद कम है। ऐसी स्थिति में छोटे और मध्यम निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तरह की जल्दबाजी में निवेश का फैसला न लें। बाजार में मंदी के दौरान अच्छी गुणवत्ता वाले शेयरों (Quality Stocks) पर नजर रखना बेहतर होता है, लेकिन निवेश से पहले कंपनी के फंडामेंटल्स और तिमाही नतीजों का गहराई से विश्लेषण करना अनिवार्य है।
कुल मिलाकर, आज का कारोबारी सत्र काफी हद तक ‘वेट एंड वॉच’ (Wait and Watch) की स्थिति वाला है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के नतीजे और अन्य 14 कंपनियों के प्रदर्शन से यह तय होगा कि बाजार अगले हफ्ते किस दिशा में मुड़ेगा। यदि रिलायंस के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहते हैं, तो बाजार में शॉर्ट कवरिंग देखने को मिल सकती है, अन्यथा बिकवाली का यह दौर कुछ और दिनों तक खिंच सकता है। ग्लोबल मार्केट की परिस्थितियों पर भी नजर रखना जरूरी है, क्योंकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली भी भारतीय बाजार पर दबाव बनाए हुए है।
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