Macron Defamation Lawsuit: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिगिट मैक्रों इन दिनों एक गंभीर जेंडर विवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि ब्रिगिट मैक्रों महिला नहीं हैं, बल्कि ट्रांसजेंडर हैं। इस विवाद के बीच, मैक्रों दंपति ने अमेरिकी कोर्ट में ऐसे फोटोग्राफिक और वैज्ञानिक प्रमाण पेश करने का मन बनाया है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि ब्रिगिट मैक्रों असली महिला हैं।

ट्रांसजेंडर विवाद की शुरुआत
यह विवाद साल 2017 में शुरू हुआ, जब एक यूट्यूब ब्लॉगर ने यह दावा किया कि फ्रांसीसी राष्ट्रपति की पत्नी असल में उनके भाई मिशेल ट्रोग्नू हैं, जिन्होंने अपना जेंडर बदला है। इस ब्लॉगर ने 2021 में एक इंटरव्यू में भी इसी आरोप को दोहराया और बचपन की तस्वीरें पेश कीं, जिनके आधार पर कहा गया कि वे तस्वीरें ब्रिगिट मैक्रों की नहीं, बल्कि उनके भाई की हैं। इस बात से ऑनलाइन अफवाहें और तेज़ हो गईं।

कैंडेस ओवेन्स के आरोप और मानहानि मुकदमा
अमेरिकी दक्षिणपंथी राजनीतिक कमेंटेटर कैंडेस ओवेन्स, जो पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की करीबी मानी जाती हैं, ने भी बार-बार यह दावा किया कि ब्रिगिट मैक्रों जन्म से पुरुष हैं और उनका असली नाम जीन-मिशेल ट्रोग्नेक्स है। कैंडेस ओवेन्स ने कहा था कि वे इस आरोप के लिए अपने करियर को दांव पर लगाने के लिए भी तैयार हैं।
इस आरोपों के बाद, जुलाई 2025 में इमैनुएल और ब्रिगिट मैक्रों ने कैंडेस ओवेन्स और संबंधित लोगों के खिलाफ अमेरिकी कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया। मैक्रों के वकील टॉम क्लेयर ने बताया कि वे कोर्ट में ब्रिगिट की गर्भवती होने और बच्चों का पालन-पोषण करने की तस्वीरें और अन्य वैज्ञानिक प्रमाण पेश करेंगे, जिससे उनकी महिला पहचान को प्रमाणित किया जा सके।
वकील की प्रतिक्रिया
टॉम क्लेयर ने बीबीसी के एक पॉडकास्ट में कहा, “मैक्रों परिवार वैश्विक मंच पर बहुत महत्वपूर्ण हैं। उनकी पहचान को लेकर झूठ फैलाना और साजिश रचना अत्यंत आपत्तिजनक और दुखद है। यह सोचना भी तकलीफदेह है कि उन्हें अपने अस्तित्व और पहचान के लिए इस तरह के सबूत पेश करने पड़ रहे हैं।”
राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव
ब्रिगिट मैक्रों को लेकर यह विवाद न केवल उनकी निजी जिंदगी पर असर डाल रहा है, बल्कि फ्रांस की राजनीति और समाज में भी इसकी गूंज सुनाई दे रही है। ऐसे आरोप और अफवाहें राजनीतिक दुरुपयोग की संभावना को भी बढ़ावा देती हैं, खासकर तब जब वे फ्रांसीसी राष्ट्रपति जैसे महत्वपूर्ण व्यक्ति से जुड़ी हों।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिगिट मैक्रों द्वारा दायर यह मानहानि मुकदमा न केवल उनकी प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह एक बड़े सामाजिक मुद्दे—जेंडर पहचान और ऑनलाइन अफवाहों से लड़ाई—को भी उजागर करता है। आने वाले दिनों में कोर्ट में पेश किए जाने वाले फोटोग्राफिक और वैज्ञानिक प्रमाण इस विवाद का निर्णायक पहलू साबित हो सकते हैं।
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