Netanyahu Trump tension: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हमास के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और कतर में हुए हमलों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नाराज़ कर दिया है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में अमेरिकी मंत्रियों के साथ हुई एक बैठक में नेतन्याहू की सैन्य कार्रवाइयों पर तीखी नाराज़गी जताई और उन्हें अस्पष्ट भाषा में गालियाँ दीं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने नेतन्याहू को अपनी शांति की कोशिशों के विपरीत कार्रवाई करने का दोषी ठहराया है।

कतर में हमले ने बढ़ाई तनाव
7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद से इजरायल लगातार गाजा में हमास को खत्म करने के लिए सशक्त अभियान चला रहा है। हाल ही में कतर की राजधानी दोहा में इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने हवाई हमले किए, जिनका उद्देश्य कतर में छिपे हमास के नेताओं को निशाना बनाना था। यह कार्रवाई अमेरिका और कतर के लिए भी चिंता का विषय बनी। ट्रंप ने इस हमले पर कड़ा रोष जताते हुए कहा कि उन्हें इस हमले की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी, जबकि इजरायली अधिकारियों का दावा है कि नेतन्याहू ने व्हाइट हाउस को सुबह 8 बजे फोन कर हमले की जानकारी दी थी।

ट्रंप की नाराज़गी की वजह
ट्रंप की नाराज़गी का मुख्य कारण है कि नेतन्याहू ने अमेरिकी प्रशासन की मंजूरी या शांति वार्ता की दिशा की अनदेखी करते हुए सैन्य हमले तेज कर दिए। ट्रंप का मानना है कि इस समय वे रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और इजरायल-हमास संघर्ष को भी जल्द खत्म करना चाहते हैं, लेकिन नेतन्याहू उनकी बात नहीं सुन रहे। उन्होंने व्हाइट हाउस में कहा कि नेतन्याहू उनकी इच्छाओं को दरकिनार कर कतर में हमला कर बैठा, जो अमेरिका की कूटनीतिक छवि के लिए नुकसानदेह है।
इजरायली अधिकारियों का पलटवार
इजरायली अधिकारियों ने साफ किया कि नेतन्याहू ने हमले से पहले पूरी जानकारी ट्रंप को दी थी और अगर ट्रंप चाहते तो वे इस हमले को रोक सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। यह भी कहा गया कि ट्रंप की नाराज़गी हालिया घटनाओं के बाद अचानक सामने आई है, जबकि पूर्व में वे इस अभियान के समर्थन में रहे हैं।
अमेरिका-इजरायल रिश्तों में तनाव के संकेत
ट्रंप का नेतन्याहू पर गुस्सा और कतर पर हमले के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराना अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव की ओर इशारा करता है। जबकि दोनों देश पारंपरिक रूप से करीबी सहयोगी रहे हैं, फिलहाल सैन्य रणनीति और कूटनीतिक दिशा में मतभेद बढ़ रहे हैं। ट्रंप खुद को “शांति दूत” के रूप में स्थापित करना चाहते हैं, लेकिन गाजा संघर्ष और कतर हमले जैसी घटनाओं ने उनकी छवि को चुनौती दी है।

अभी हाल ही में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच कतर में हुए हमले को लेकर गुस्से और आरोप-प्रत्यारोप की खबरें सामने आई हैं। यह विवाद दोनों देशों के बीच सैन्य और कूटनीतिक समझौतों पर भी सवाल उठाता है। जबकि नेतन्याहू हमास को जड़ से उखाड़ फेंकने पर जोर दे रहे हैं, ट्रंप शांति वार्ता के लिए प्रयासरत हैं। इस जटिल स्थिति में, अमेरिका-इजरायल संबंधों की दिशा आने वाले समय में और साफ होगी।
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