Mahakal Temple Bhasm Arti
Mahakal Temple Bhasm Arti : उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए मंदिर प्रबंधन समिति ने एक बड़ा निर्णय लिया है। अब मंदिर में होने वाली प्रसिद्ध ‘भस्म आरती’ के लिए ऑफलाइन परमिट देने की व्यवस्था को आधिकारिक तौर पर स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। पहले श्रद्धालुओं को भस्म आरती का पास हासिल करने के लिए फिजिकल काउंटरों पर घंटों, कभी-कभी 5 से 6 घंटे तक लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था। मंदिर प्रशासन का कहना है कि भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने और श्रद्धालुओं को अधिक गरिमापूर्ण अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। अब भक्तों को आरती में शामिल होने के लिए केवल ऑनलाइन माध्यम का ही सहारा लेना होगा।
नई व्यवस्था के तहत, जो 300 परमिट पहले ऑफलाइन काउंटर के माध्यम से निःशुल्क वितरित किए जाते थे, उन्हें अब ‘ऑनलाइन तत्काल कोटे’ में स्थानांतरित कर दिया गया है। इस कोटे की बुकिंग दर्शन की तारीख से ठीक एक दिन पहले शुरू होगी। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई श्रद्धालु 17 अप्रैल की भस्म आरती में शामिल होना चाहता है, तो उसे 16 अप्रैल को सुबह 8:00 बजे मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन करना होगा। ये स्लॉट ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर बुक किए जा सकेंगे। इस डिजिटल बदलाव से उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जो उज्जैन पहुंचने के बाद तत्काल आरती में शामिल होने की योजना बनाते हैं।
एक महत्वपूर्ण बदलाव यह भी है कि जो ऑफलाइन परमिट पहले पूरी तरह निःशुल्क थे, अब उनके लिए श्रद्धालुओं को शुल्क देना होगा। ऑनलाइन तत्काल प्रणाली के माध्यम से भस्म आरती सुनिश्चित करने के लिए प्रति व्यक्ति ₹200 का भुगतान निर्धारित किया गया है। मंदिर समिति के अनुसार, इस मामूली शुल्क का उपयोग डिजिटल बुनियादी ढांचे के रखरखाव और आरती की भारी मांग को सुव्यवस्थित तरीके से प्रबंधित करने के लिए किया जाएगा। हालांकि, नियमित ऑनलाइन बुकिंग की प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहेगी, लेकिन तत्काल बुकिंग के लिए यह नया शुल्क अनिवार्य होगा।
मंदिर समिति ने अग्रिम बुकिंग की समय-सीमा में भी बड़ा नीतिगत बदलाव किया है। पहले श्रद्धालु तीन महीने (90 दिन) पहले ही भस्म आरती के लिए बुकिंग कर सकते थे, जिससे कई बार स्लॉट बहुत जल्दी भर जाते थे और आम श्रद्धालुओं को मौका नहीं मिल पाता था। अब इस अवधि को घटाकर केवल एक महीना कर दिया गया है। उदाहरण के लिए, जून महीने के लिए बुकिंग पोर्टल 1 मई को सुबह 8:00 बजे खुलेगा। इस बदलाव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिक से अधिक लोगों को समान रूप से बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन का अवसर प्राप्त हो सके।
डिजिटल सुधारों का यह सिलसिला केवल सुबह की भस्म आरती तक सीमित नहीं है। मंदिर समिति ने संध्या और शयन आरती के लिए भी नई ‘पेड एंट्री’ (Paid Entry) व्यवस्था को मजबूती से लागू कर दिया है। जो श्रद्धालु इन आरतियों के दौरान एक स्थान पर बैठकर शांतिपूर्वक दर्शन करना चाहते हैं, उन्हें ₹250 का शुल्क देना होगा। हालांकि, मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जो लोग भुगतान नहीं करना चाहते, वे ‘चलते हुए दर्शन’ (Moving Darshan) की सुविधा का लाभ पहले की तरह निःशुल्क उठा सकते हैं। इससे मंदिर के राजस्व में भी वृद्धि होगी और भीड़ पर नियंत्रण भी बना रहेगा।
व्यवस्था को और अधिक सुव्यवस्थित करने के लिए प्रवेश के समय को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं। संध्या आरती के लिए बुकिंग पोर्टल प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे खुलता है और श्रद्धालुओं को शाम 6:00 बजे तक ही प्रवेश की अनुमति दी जाती है। इसी प्रकार, रात की शयन आरती के लिए बुकिंग शाम 4:00 बजे शुरू होती है और प्रवेश की अंतिम समय-सीमा रात 10:00 बजे तय की गई है। मंदिर प्रशासन का मानना है कि इन समय-सीमाओं के पालन से मंदिर परिसर में अनावश्यक भीड़ जमा नहीं होगी और सुरक्षा व्यवस्था को संभालने में आसानी होगी। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे उज्जैन आने से पहले इन नियमों को अच्छी तरह समझ लें।
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