Maharashtra Garba Controversy : नवरात्रि के दौरान महाराष्ट्र में गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुसलमानों की एंट्री पर रोक लगाने की विश्व हिंदू परिषद (VHP) की मांग को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (A) के प्रमुख रामदास अठावले ने VHP के इस रुख का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि भारत में सभी नागरिकों को अपने धर्म के साथ-साथ दूसरे समुदायों के त्योहारों में शामिल होने का भी अधिकार है। अठावले ने स्पष्ट किया कि देश का संचालन संविधान के अनुसार होता है और संविधान सभी धर्मों को समान अधिकार प्रदान करता है।
भारत संविधान से चलता है, सभी धर्मों के अधिकार समान
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि उन्हें गरबा कार्यक्रमों में मुस्लिम समुदाय के लोगों के शामिल होने पर आपत्ति जताने वाला रुख उचित नहीं लगता। उनके मुताबिक भारत का संविधान प्रत्येक धर्म और समुदाय के अधिकारों की रक्षा करता है। उन्होंने डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा तैयार किए गए संविधान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध, पारसी और अन्य समुदायों के लोग रहते हैं। ऐसे में सभी नागरिकों को समान संवैधानिक अधिकार हासिल हैं।
अठावले ने अजमेर शरीफ दरगाह का दिया उदाहरण
रामदास अठावले ने अपनी बात समझाने के लिए राजस्थान स्थित अजमेर शरीफ दरगाह का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में हिंदू श्रद्धालु अजमेर शरीफ दरगाह पहुंचते हैं। इसी तरह अलग-अलग धर्मों के लोगों को एक-दूसरे के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल होने की परंपरा को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदू और मुस्लिम समुदायों को आपसी सद्भाव के साथ आगे बढ़कर देश के विकास के लिए काम करने की आवश्यकता है। अठावले ने ऐसे विचारों का विरोध किया, जो धार्मिक आधार पर लोगों को अलग करने की कोशिश करते हैं।
VHP ने गरबा आयोजकों के लिए जारी किए दिशा-निर्देश
वहीं, विश्व हिंदू परिषद ने पिछले सप्ताह महाराष्ट्र में होने वाले गरबा और डांडिया कार्यक्रमों को लेकर अपनी घोषणा की थी। संगठन के अनुसार 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले नवरात्रि पर्व के दौरान इन कार्यक्रमों में मुस्लिमों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। VHP ने आयोजकों से प्रतिभागियों की पहचान सत्यापित करने को कहा है। इसके लिए आधार कार्ड की जांच करने और कार्यक्रम में शामिल होने वालों के माथे पर तिलक लगाने जैसे सुझाव भी दिए गए हैं।
नितेश राणे ने VHP की मांग का किया समर्थन
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता नितेश राणे ने VHP के रुख का समर्थन किया है। उन्होंने दावा किया कि नवरात्रि जैसे धार्मिक आयोजनों के दौरान कथित तौर पर ‘लव जिहाद’ के मामले बढ़ते हैं। राणे ने आयोजनों में शामिल होने वाले लोगों की पहचान जांचने की बात कही और प्रवेश से पहले हनुमान चालीसा का पाठ कराने का सुझाव भी दिया। हालांकि, ‘लव जिहाद’ शब्द का इस्तेमाल मुख्य रूप से दक्षिणपंथी समूहों द्वारा उस आरोप के लिए किया जाता है, जिसमें मुस्लिम पुरुषों पर हिंदू महिलाओं को रिश्तों के जरिए धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने की साजिश का आरोप लगाया जाता है।
गरबा विवाद में आमने-सामने अलग-अलग राजनीतिक रुख
महाराष्ट्र में नवरात्रि से पहले गरबा और डांडिया कार्यक्रमों को लेकर सामने आए इन बयानों ने धार्मिक आयोजनों में भागीदारी और संवैधानिक अधिकारों को लेकर बहस को तेज कर दिया है। एक तरफ VHP और नितेश राणे जैसे नेता पहचान जांच और प्रतिबंध की वकालत कर रहे हैं, वहीं रामदास अठावले धार्मिक सद्भाव और संविधान में दिए समान अधिकारों की बात कर रहे हैं। ऐसे में नवरात्रि आयोजनों के दौरान इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा आगे भी जारी रहने की संभावना है।
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