Maharashtra TET Paper Leak: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी पेपर लीक मामले में पुलिस ने एक बहुत बड़ी सफलता हासिल करते हुए इस पूरे षड्यंत्र के मुख्य आरोपी बिजेंद्र कुमार गुप्ता को धर दबोचा है। भिवंडी पुलिस ने विशेष अभियान के तहत आरोपी को बिहार राज्य से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद पुलिस आरोपी बिजेंद्र को लेकर हवाई मार्ग से पुणे एयरपोर्ट पहुंची। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था के बीच उसे सड़क मार्ग से भिवंडी लाया जा रहा है, जहां उससे इस गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में गहरी पूछताछ की जाएगी।

देश के कई राज्यों में सक्रिय रहा है मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता
पुलिस विभाग से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक कांड का यह शातिर मास्टरमाइंड केवल एक राज्य तक सीमित नहीं था, बल्कि वह पहले भी देश के कई अन्य राज्यों में हुए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों में सक्रिय रूप से शामिल रहा है। जांच में यह भी चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि वह पूर्व में एक गंभीर हत्या के मामले में भी गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि बिजेंद्र पूर्व में कई बार गिरफ्तार हुआ, लेकिन हर बार अदालत से जमानत मिलने के बाद वह पुलिस की पकड़ से फरार हो जाता था और अपनी पहचान बदलकर दूसरे राज्यों में नए सिरे से अपनी आपराधिक गतिविधियां शुरू कर देता था।

एक साधारण शिक्षक से लेकर पेपर लीक नेटवर्क का सफर
बिहार के समस्तीपुर जिले के मूल निवासी बिजेंद्र गुप्ता की शुरुआती पृष्ठभूमि एक सामान्य परिवार से जुड़ी है। वह अपने चार भाई-बहनों में सबसे छोटा है और उसका परिवार किराना दुकान तथा आटा चक्की चलाने का व्यवसाय करता है। उसने अपनी शुरुआती स्कूली शिक्षा बिहार से ही पूरी की और इसके पश्चात बेगूसराय के एक कॉलेज से बीएससी की डिग्री हासिल की। अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद उसने पटना के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों में बच्चों को पढ़ाया। कुछ समय वहां बिताने के बाद वह मध्य प्रदेश के भोपाल चला गया और वहां भी शिक्षण कार्य किया, लेकिन धीरे-धीरे वह अपराध की दुनिया में उतर गया और पेपर लीक के इस बड़े नेटवर्क का सरगना बन गया।
हत्या और कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों में गिरफ्तारी
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, साल 2003 में जब वह छात्र जीवन जी रहा था, तब बेगूसराय में हुए एक हत्या के मामले में बिजेंद्र कुमार गुप्ता को पहली बार गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, आरोपी की पत्नी सुमन कुमारी ने मीडिया और पुलिस को जानकारी दी थी कि उस पुराने मामले में अदालत से बिजेंद्र को बरी कर दिया गया था। इसके अलावा, पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया को यह भी बताया कि वर्ष 2011 में मध्य प्रदेश के भोपाल शहर में आयोजित एक राज्य स्तरीय भर्ती परीक्षा के दौरान पेपर लीक होने के मामले में भी उसे गिरफ्तार किया गया था, जहां से वह जेल जाने के बाद जमानत पर बाहर आ गया था।
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