Mahasamund Ganja Seizure
Mahasamund Ganja Seizure: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने नशा तस्करों के एक बड़े और शातिराना नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। मानवता की सेवा के लिए इस्तेमाल होने वाली एम्बुलेंस को तस्करों ने नशे के व्यापार का जरिया बना लिया था। मंगलवार को कोमाखान थाना पुलिस ने एक जर्जर एम्बुलेंस की तलाशी के दौरान 5 क्विंटल 20 किलो गांजा बरामद किया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 2.60 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने इस मामले में महाराष्ट्र के रहने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
महासमुंद की एडिशनल एसपी प्रतिभा पांडेय के नेतृत्व में पुलिस टीम को मंगलवार (6 जनवरी) को एक पुख्ता सूचना मिली थी। मुखबिर ने बताया कि ओडिशा के भवानीपटना से गांजे की एक बड़ी खेप छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश करने वाली है, जिसे एम्बुलेंस के जरिए महाराष्ट्र के नागपुर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने ओडिशा-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर स्थित टेमरीनाका चेकिंग प्वाइंट पर नाकेबंदी कर दी और संदिग्ध वाहनों की सघन तलाशी शुरू कर दी।
चेकिंग के दौरान पुलिस को एक बेहद पुरानी और जर्जर हालत में एम्बुलेंस आती दिखाई दी। इस एम्बुलेंस पर ओडिशा की नंबर प्लेट (OD 02 AX 5501) लगी थी। आमतौर पर एम्बुलेंस आपातकालीन सेवाओं के लिए होती हैं, लेकिन इसकी खस्ता हालत और एम्बुलेंस के भीतर बैठे तीन युवकों की संदिग्ध हरकतों ने पुलिस के शक को यकीन में बदल दिया। जब पुलिस ने वाहन को रोककर पूछताछ शुरू की, तो चालक और उसके साथी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
जब पुलिस ने एम्बुलेंस की तलाशी ली, तो ऊपर से देखने पर सब कुछ सामान्य लग रहा था। वाहन के भीतर दवाइयों के 16 कार्टून रखे हुए थे। लेकिन जब पुलिस ने उन कार्टूनों को खोला, तो उनके नीचे दवाइयों की जगह गांजे के पैकेट भरे मिले। इसके बाद पुलिस ने बारीकी से जांच की तो पता चला कि आरोपियों ने एम्बुलेंस की सीटों के नीचे विशेष गुप्त चैंबर बनवा रखे थे। इन चैंबरों से 14 प्लास्टिक बोरियां बरामद हुईं, जिनमें भारी मात्रा में गांजा भरा हुआ था।
पुलिस ने मौके से 5 क्विंटल 20 किलो गांजा, चार मोबाइल फोन और तस्करी में इस्तेमाल की गई एम्बुलेंस को जब्त कर लिया है। जब्त किए गए कुल माल की कीमत 2,65,10,500 रुपये बताई जा रही है। जांच में यह भी सामने आया कि पकड़े गए तीनों आरोपी महाराष्ट्र के निवासी हैं और उन्होंने तस्करी को अंजाम देने के लिए महाराष्ट्र पासिंग एम्बुलेंस पर ओडिशा की फर्जी नंबर प्लेट का सहारा लिया था। आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट (NDPS) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
यह पहली बार नहीं है जब छत्तीसगढ़ के रास्ते बड़ी खेप ले जाई जा रही थी। महज नौ दिन पहले बलरामपुर जिले में भी पुलिस ने एक ट्रक से 6 करोड़ रुपये का गांजा जब्त किया था। उस मामले में तस्कर ओडिशा से राजस्थान के लिए गांजा ले जा रहे थे और ट्रक में नारियल के भूसे के नीचे ड्रग्स को छिपाया गया था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि अंतरराज्यीय तस्कर छत्तीसगढ़ को एक ट्रांजिट कॉरिडोर के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं, जिस पर अब पुलिस की पैनी नजर है।
एडिशनल एसपी प्रतिभा पांडेय ने बताया कि नशे के खिलाफ अभियान निरंतर जारी रहेगा। ओडिशा की सीमा से सटे सभी चेक पोस्टों पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस सिंडिकेट के तार और किन-किन राज्यों से जुड़े हैं और ओडिशा के भवानीपटना में इस अवैध व्यापार का मुख्य सरगना कौन है।
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