Mahtari Vandan Yojana: छत्तीसगढ़ सरकार राज्य की विवाहित महिलाओं को नवंबर महीने में एक बड़ी सौगात दे सकती है। राज्योत्सव की तैयारियों के बीच, सूत्रों के अनुसार, महतारी वंदन योजना का पोर्टल एक बार फिर दुबारा खोला जा सकता है, जिससे लाखों महिलाएं योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकेंगी।

क्या है महतारी वंदन योजना?
छत्तीसगढ़ सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना विवाहित महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम माना जाता है। योजना के तहत हर पात्र महिला को प्रति माह ₹1,000 की वित्तीय सहायता सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। इस समय करीब 69 लाख महिलाओं को योजना का लाभ मिल रहा है, और सरकार हर माह करीब ₹700 करोड़ रुपये उनके खातों में भेज रही है।

नवंबर में खुल सकता है पोर्टल
सूत्रों के अनुसार, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नए आवेदन लेने के लिए पोर्टल खोलने की तैयारी की जा रही है। विभाग ने छह महीने पहले इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था, जिसे अब राज्योत्सव के अवसर पर मंजूरी मिल सकती है।यह कदम उन महिलाओं के लिए राहत लेकर आएगा जो पहले पोर्टल बंद होने के कारण योजना से वंचित रह गई थीं।
कौन हो सकता है अपात्र?
सरकारी सूत्रों के अनुसार, कई महिलाएं जो सरकारी विभागों में प्लेसमेंट एजेंसियों या संविदा के माध्यम से कार्यरत हैं, उन्हें योजना से बाहर किया जा सकता है। इसमें पुलिस विभाग, नगर निगम, राजस्व विभाग, और स्वास्थ्य विभाग जैसी संस्थाओं में काम करने वाली महिलाएं शामिल हैं।यह कदम योजना की पात्रता सूची की शुद्धता बनाए रखने के लिए उठाया जा रहा है ताकि केवल जरूरतमंद महिलाएं ही इसका लाभ ले सकें।
बस्तर में पहले से खोला गया था पोर्टल
हाल ही में सरकार ने बस्तर संभाग के लिए महतारी वंदन योजना का पोर्टल खोला था ताकि वहां की आदिवासी महिलाओं को योजना से जोड़ा जा सके। यह एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में देखा जा रहा है, जिसकी सफलता के बाद पूरे राज्य में पोर्टल खोले जाने की संभावना मजबूत हो गई है।
राज्योत्सव पर हो सकती हैं और भी घोषणाएं
राज्योत्सव 2025 के दौरान राज्य सरकार कई और महिला-कल्याण योजनाओं की भी घोषणा कर सकती है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि महतारी वंदन योजना के तहत नए आवेदन, पात्रता समीक्षा, और वंचित वर्गों को शामिल करने जैसे निर्णय लिए जाएंगे।नवंबर में छत्तीसगढ़ की महिलाएं महतारी वंदन योजना को लेकर नई उम्मीदें लगाए बैठी हैं। यदि पोर्टल दोबारा खुलता है तो लाखों वंचित महिलाओं को आर्थिक मदद मिलने का रास्ता साफ होगा। अब सबकी नजरें सरकार की आगामी राज्योत्सव घोषणाओं पर टिकी हैं।
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