Maldives President Pakistan Visit : मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की पाकिस्तान यात्रा के बाद देश की विदेश नीति को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्षी नेताओं ने चेतावनी दी है कि इस्लामाबाद के साथ बढ़ती नजदीकियां भारत के साथ मालदीव के पारंपरिक संबंधों को प्रभावित कर सकती हैं। भारत, मालदीव का निकटतम पड़ोसी और महत्वपूर्ण क्षेत्रीय साझेदार है। ऐसे में पाकिस्तान के साथ संबंध मजबूत करने की कोशिशों को लेकर विपक्ष ने राष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक संतुलन पर सवाल उठाए हैं। पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद समेत कई नेताओं का कहना है कि सरकार को विदेश नीति से जुड़े फैसले लेते समय क्षेत्रीय परिस्थितियों और भारत के साथ संबंधों का ध्यान रखना चाहिए।

11 साल बाद मालदीव के राष्ट्रपति का पाकिस्तान दौरा
मालदीव के किसी राष्ट्रपति की लगभग 11 वर्षों में यह पहली पाकिस्तान यात्रा बताई गई है। इस यात्रा ने माले की विदेश नीति की प्राथमिकताओं पर नई चर्चा शुरू कर दी है। विपक्षी नेताओं ने सवाल किया है कि क्या पाकिस्तान के साथ नजदीकी बढ़ाने की नीति मालदीव की सुरक्षा और भारत के साथ लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, किसी देश के साथ राजनयिक संबंध मजबूत करना अपने आप में दूसरे देश के साथ संबंध बिगड़ने का प्रमाण नहीं है। विवाद का मुख्य मुद्दा यह है कि मालदीव अपनी विदेश नीति में क्षेत्रीय संतुलन किस तरह बनाए रखता है।

पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने दी गंभीर चेतावनी
मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP) के अध्यक्ष और पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने मुइज्जू की यात्रा की आलोचना की है। समाचार माध्यम सन ऑनलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, नशीद ने कहा कि छोटे देशों, विशेषकर मालदीव, को अंतरराष्ट्रीय संबंधों में कई जोखिमों का सामना करना पड़ता है। उनके अनुसार, राष्ट्रपति का पाकिस्तान दौरा मालदीव को भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के करीब ला सकता है। नशीद ने चेताया कि यदि भारत को अपनी सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण मालदीव की नीतियों पर संदेह होने लगा, तो इसका द्वीपीय देश पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। ये टिप्पणियां विपक्ष की चिंताओं को दर्शाती हैं।
अब्दुल्ला शाहिद और अब्दुल्ला यामीन ने भी उठाए सवाल
मालदीव के पूर्व विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने भी पाकिस्तान यात्रा पर सवाल उठाए। उन्होंने आशंका जताई कि मुइज्जू वर्ष 2023 की तरह फिर भारत-विरोधी राजनीतिक अभियान को बढ़ावा दे सकते हैं। वहीं, पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने पाकिस्तान की ओर से मुइज्जू को मानद डॉक्टरेट दिए जाने के फैसले पर सवाल उठाए। विपक्षी नेताओं की इन प्रतिक्रियाओं से स्पष्ट है कि पाकिस्तान के साथ बढ़ते संपर्कों को लेकर मालदीव की घरेलू राजनीति में मतभेद मौजूद हैं। हालांकि, इन बयानों को विपक्ष की राजनीतिक राय के रूप में देखा जाना चाहिए।
पाकिस्तान दौरे में 20 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर
मुइज्जू ने 20 से 22 अक्टूबर तक पाकिस्तान का दौरा किया। यह यात्रा दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की स्थापना की 60वीं वर्षगांठ के अवसर पर हुई। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, व्यापार, कृषि, साइबर सुरक्षा, रक्षा और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 20 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते खोलना है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मालदीव पाकिस्तान के साथ संबंध मजबूत करते हुए भारत के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्रीय संतुलन को किस तरह बनाए रखता है।

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