Durgapur Medical Case: पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक मेडिकल छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टिप्पणी पर सियासी और सामाजिक स्तर पर विवाद बढ़ गया है। ममता ने रविवार, 12 अक्टूबर 2025 को अलीपुरद्वार में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि उनकी बातों को जानबूझकर तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है और गलत संदर्भ निकाला गया है। उन्होंने इस मामले में अपने बयान की सफाई देते हुए कहा कि उनका मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था, बल्कि उन्होंने छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सतर्कता की बात कही थी।

ममता का बयान और विवाद की शुरुआत
दुर्गापुर की मेडिकल छात्रा के साथ हुई इस दर्दनाक घटना के बाद ममता बनर्जी ने दमदम हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि “वह रात के 12:30 बजे बाहर कैसे आईं?” उन्होंने यह भी कहा था कि छात्राओं को खासकर जो छात्रावास में रहती हैं, देर रात बाहर न निकलने की सलाह दी जाती है। इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर ममता की आलोचना हुई, कई लोग इसे छात्राओं की जिम्मेदारी पर ध्यान देने वाली टिप्पणी मानने लगे।

ममता ने कहा, “छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को नियमों का पालन करना चाहिए, लेकिन उनका अधिकार है कि वे जहां चाहें जाएं। मेरा मकसद सुरक्षा को लेकर सतर्कता का संदेश देना था, न कि किसी को दोषी ठहराना।”
ममता ने कहा- मेरी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया
अलीपुरद्वार में संवाददाताओं से ममता बनर्जी ने कहा, “दमदम हवाई अड्डे पर मेरी टिप्पणियों को जानबूझकर तोड़ा-मरोड़ा गया। मेरे शब्दों का गलत अर्थ निकाला गया। मेरे साथ ऐसी राजनीति न की जाए।” उन्होंने कहा कि दूसरों के विपरीत वे सीधे जनता से संवाद करती हैं और सवालों के जवाब देती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस और प्रशासन इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करेंगे। “तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, बाकी की तलाश जारी है। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।”
पुलिस ने दी घटना की जानकारी
पुलिस के अनुसार, यह घटना 10 अक्टूबर की रात को हुई, जब मेडिकल छात्रा अपने दोस्त के साथ खाना खाने गई थी। यह घटना मेडिकल कॉलेज परिसर के बाहर हुई। पुलिस ने कहा कि तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
ममता ने संस्थान की भूमिका पर भी सवाल उठाए
ममता बनर्जी ने कहा कि पीड़िता का संस्थान भी इस घटना के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि निजी कॉलेजों को अपने परिसरों के अंदर और आसपास सुरक्षा का पूरा इंतजाम करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस हर जगह पहरा नहीं दे सकती, इसलिए संस्थान की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
अन्य राज्यों की घटनाओं पर भी निशाना साधा
ममता ने बिहार, उत्तर प्रदेश और ओडिशा में भी इसी तरह की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे अपराध सिर्फ बंगाल में नहीं होते। उन्होंने कहा, “हमने इन राज्यों में भी कई दुष्कर्म की घटनाएं देखी हैं। बंगाल सरकार अपराधों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाए हुए है। हम सभी ऐसी घटनाओं की निंदा करते हैं।”
दुर्गापुर मेडिकल छात्रा मामले ने फिर से भारत में महिलाओं की सुरक्षा पर बहस को गर्मा दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टिप्पणी को लेकर जो विवाद हुआ, उससे साफ होता है कि सुरक्षा के साथ-साथ संवेदनशीलता का भी ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इस मामले में पुलिस कार्रवाई जारी है, और उम्मीद है कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिलेगी।











