Manipur AFSPA : केंद्र सरकार ने मणिपुर में सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम यानी AFSPA को लेकर एक बार फिर महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के बाद केंद्र ने पूरे मणिपुर को ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित करने की अवधि आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। हालांकि, पांच जिलों के 13 पुलिस थाना क्षेत्रों को इस घोषणा से बाहर रखा गया है। नई व्यवस्था 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगी और छह महीने तक प्रभावी रहेगी, जब तक इसे इससे पहले वापस नहीं लिया जाता।
AFSPA की धारा 3 के तहत जारी हुआ आदेश
गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, केंद्र सरकार ने सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम, 1958 की धारा 3 के तहत प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल किया है। मंत्रालय ने 23 मार्च 2026 को S.O. 1515(E) अधिसूचना जारी कर मणिपुर के अधिकांश हिस्से को 1 अप्रैल 2026 से छह महीने के लिए ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित किया था। अब कानून-व्यवस्था की दोबारा समीक्षा के बाद इसी व्यवस्था को आगे बढ़ाने का फैसला किया गया है।
पांच जिलों के 13 पुलिस स्टेशन क्षेत्र बाहर
केंद्र के नए फैसले में पूरे मणिपुर को ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित किया गया है, लेकिन पांच जिलों में आने वाले 13 पुलिस थानों के अधिकार क्षेत्र को इससे बाहर रखा गया है। ये क्षेत्र मुख्य रूप से राज्य के घाटी इलाकों में स्थित हैं। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में प्रत्येक पुलिस थाने और संबंधित जिले का विवरण भी दिया गया है।
इम्फाल पश्चिम के छह पुलिस थाना क्षेत्र
इम्फाल पश्चिम जिले के छह पुलिस थाना क्षेत्रों को AFSPA के तहत ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित किए गए इलाकों से बाहर रखा गया है। इनमें इम्फाल, लैम्पफेल, सिटी, सिंगजामेई, पैटसोई और वांगोई पुलिस थाना क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए इस अधिसूचना के तहत AFSPA की ‘अशांत क्षेत्र’ वाली घोषणा लागू नहीं होगी।
इम्फाल पूर्व के तीन इलाके भी बाहर
इम्फाल पूर्व जिले के तीन पुलिस थाना क्षेत्रों को भी इस सूची में शामिल किया गया है। इनमें पोरोम्पैट, हिंगांग और इरिलबंग पुलिस थाना क्षेत्र शामिल हैं। यानी इन तीन क्षेत्रों को छोड़कर जिले के अन्य इलाकों पर अधिसूचना के तहत ‘अशांत क्षेत्र’ की व्यवस्था लागू रहेगी।
थौबल, बिष्णुपुर और काकचिंग में भी छूट
पांच जिलों में शामिल अन्य पुलिस थाना क्षेत्रों में थौबल, बिष्णुपुर, नम्बोल और काकचिंग शामिल हैं। थौबल पुलिस थाना क्षेत्र थौबल जिले में, बिष्णुपुर और नम्बोल बिष्णुपुर जिले में तथा काकचिंग पुलिस थाना क्षेत्र काकचिंग जिले में आता है। इस तरह कुल 13 पुलिस थाना क्षेत्रों को नई अधिसूचना के दायरे से बाहर रखा गया है।
कानून-व्यवस्था की समीक्षा के बाद फैसला
केंद्र सरकार ने यह निर्णय मणिपुर में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के बाद लिया है। अधिसूचना में कहा गया है कि राज्य की स्थिति का आगे भी आकलन किया गया। इसी समीक्षा के आधार पर AFSPA के तहत ‘अशांत क्षेत्र’ की घोषणा को छह महीने के लिए जारी रखने का निर्णय लिया गया है। यह अवधि 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी।
छह महीने तक लागू रहेगी नई व्यवस्था
नई अधिसूचना के अनुसार, मणिपुर के लिए ‘अशांत क्षेत्र’ की घोषणा 1 अक्टूबर 2026 से छह महीने की अवधि तक प्रभावी रहेगी। हालांकि, सरकार यदि इससे पहले इसे वापस लेने का फैसला करती है तो अवधि समाप्त होने से पहले भी घोषणा हटाई जा सकती है। इस प्रावधान का उल्लेख अधिसूचना में स्पष्ट रूप से किया गया है।
AFSPA को लेकर पहले भी होता रहा है क्षेत्रीय बदलाव
मणिपुर में AFSPA के तहत ‘अशांत क्षेत्र’ की सीमा समय-समय पर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के आधार पर बदली जाती रही है। गृह मंत्रालय के रिकॉर्ड के अनुसार, पहले भी अलग-अलग चरणों में कई पुलिस थाना क्षेत्रों को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया था। वर्ष 2026 की अधिसूचना में 13 पुलिस थाना क्षेत्रों को बाहर रखा गया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर केंद्र की निगरानी जारी
केंद्र के इस फैसले से स्पष्ट है कि मणिपुर में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा जारी है। फिलहाल 1 अक्टूबर 2026 से अगले छह महीनों के लिए अधिकांश राज्य में AFSPA के तहत ‘अशांत क्षेत्र’ का दर्जा जारी रहेगा, जबकि पांच जिलों के 13 पुलिस थाना क्षेत्रों को इससे छूट प्राप्त रहेगी। सरकार आगे की स्थिति के आधार पर इस व्यवस्था में बदलाव कर सकती है।
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