Manipur Politics 2025: मणिपुर में करीब सात महीने से लागू राष्ट्रपति शासन के बीच अब राज्य में सरकार गठन की गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कई विधायक दिल्ली पहुंच चुके हैं, जहां वे केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर नई सरकार के गठन पर चर्चा कर रहे हैं। इसके साथ ही राज्यपाल की भी दिल्ली में मौज़ूदगी ने अटकलों को और बल दिया है कि मणिपुर में जल्द ही राजनीतिक गतिरोध खत्म हो सकता है।

बीरेन सिंह समेत विधायक पहुंचे दिल्ली
मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह शनिवार को दिल्ली पहुंचे। उनके साथ पूर्व मंत्री सपाम रंजन सिंह, हेइखम डिंगो सिंह और विधायक टोंगब्रम रॉबिन्द्रो सिंह भी मौजूद थे। दिल्ली रवाना होने से पहले बीरेन सिंह ने कहा कि वे केंद्र से मणिपुर में जल्द सरकार गठन और हिंसा से विस्थापित लोगों की समस्याओं के समाधान पर सहयोग मांगेंगे। साथ ही राज्य के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों को दोबारा खोलने का आग्रह भी करेंगे।

दो गुटों में बंटी बीजेपी विधायक मंडली
दिल्ली पहुंचे विधायकों में एक और ग्रुप शामिल है जिसमें मैतई समुदाय से आने वाले पूर्व मंत्री लीशांगथेम सुसिंड्रो मीतेई, थंगजाम अरुण कुमार और लौरेम्बम रामेश्वर शामिल हैं। ये दोनों गुट अलग-अलग समय पर दिल्ली रवाना हुए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार गठन को लेकर बीजेपी के अंदर भी विचार-मंथन का दौर जारी है।
और भी नेता दिल्ली रवाना होने की तैयारी में
सूत्रों के अनुसार, विधानसभा अध्यक्ष थोकचोम सत्यब्रत सिंह, पूर्व मंत्री गोविंददास कोंथौजम और विधायक कोंगखम रोबिंद्रो, सपाम कुंजकेशवर, थुनाओजम श्यामकुमार और करम श्याम भी जल्द ही दिल्ली पहुंच सकते हैं। इन सभी नेताओं की दिल्ली यात्रा यह संकेत देती है कि मणिपुर में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
मणिपुर में क्यों लगा राष्ट्रपति शासन?
मणिपुर में मई 2023 से शुरू हुई जातीय हिंसा में अब तक सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। हालात बिगड़ने पर मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने 9 फरवरी 2025 को इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद राज्य में कोई वैकल्पिक सरकार न बन पाने के कारण 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया।
पीएम और गृह मंत्री के दौरे से बढ़ी उम्मीदें
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर का दौरा किया था, जिससे संकेत मिले थे कि केंद्र सरकार राज्य में राजनीतिक स्थिरता लाने के लिए गंभीर है। अब बीजेपी विधायकों की दिल्ली में सक्रियता यह दर्शा रही है कि सरकार गठन को लेकर अंतिम रूपरेखा तैयार की जा रही है।
मणिपुर में लंबे समय से जारी राष्ट्रपति शासन के बीच राजनीतिक गतिविधियों में आई तेजी इस ओर इशारा कर रही है कि जल्द ही राज्य को एक नई सरकार मिल सकती है। बीजेपी नेताओं की दिल्ली में बढ़ती चहल-पहल और केंद्रीय नेतृत्व से हो रही मुलाकातें आने वाले कुछ दिनों में महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव का संकेत दे रही हैं।
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