Marco Rubio India Visit : अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो मंगलवार से भारत के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा, पश्चिम एशिया में जारी संकट और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी दोनों पक्ष अपने विचार साझा कर सकते हैं।
मुंबई में हुआ रुबियो का स्वागत, द्विपक्षीय संबंधों पर जोर
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर रुबियो के भारत पहुंचने की जानकारी दी। मुंबई हवाई अड्डे पर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री आशीष शेलार ने उनका स्वागत किया। मंत्रालय के मुताबिक, यह यात्रा भारत-अमेरिका संबंधों के विभिन्न महत्वपूर्ण स्तंभों के अंतर्गत सहयोग को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगी। इस साल रुबियो की यह दूसरी भारत यात्रा है। इससे पहले मई में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बातचीत की थी तथा क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी हिस्सा लिया था।
जयशंकर के साथ बैठक में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
मुंबई में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और मार्को रुबियो के बीच महत्वपूर्ण बैठक होने की संभावना है। इस दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर विचार किया जाएगा। चर्चा के प्रमुख विषयों में व्यापार एवं निवेश, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग और उभरती प्रौद्योगिकियां शामिल हो सकती हैं। दोनों देश प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के साथ-साथ पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर भी बातचीत कर सकते हैं।
26/11 हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देंगे अमेरिकी विदेश मंत्री
रुबियो के मुंबई दौरे में 26 नवंबर 2008 के आतंकवादी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देना भी शामिल है। वह ताज स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। मुंबई में हुए इस आतंकी हमले में 160 से अधिक लोगों की जान गई थी, जिनमें छह अमेरिकी नागरिक भी शामिल थे। इसके अलावा, अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित स्वागत समारोह में भी उनके शामिल होने की संभावना है।
जामनगर भी जाएंगे रुबियो, कारोबारियों का प्रतिनिधिमंडल आने की उम्मीद
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पिछले सप्ताह बताया था कि बातचीत में ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा और महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। रुबियो के साथ कारोबारियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी भारत आ सकता है। बुधवार को उनके गुजरात के जामनगर जाने का कार्यक्रम है। इस यात्रा से दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यावसायिक संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
व्यापार समझौते पर अमेरिका ने दिया अहम संकेत
भारत रवाना होने से पहले उज्बेकिस्तान में रुबियो ने कहा कि अमेरिका भारत के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के काफी करीब है। उन्होंने संकेत दिया कि रूसी तेल खरीदने के मामले में भारत को अमेरिकी शुल्क से मिली छूट पर निर्णय लेते समय व्यापार समझौते से जुड़े पहलुओं पर भी विचार किया जाता है। उनके बयान से स्पष्ट है कि व्यापार वार्ता दोनों देशों के व्यापक आर्थिक संबंधों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
शुल्क विवाद और बाजार पहुंच पर बनी हुई है नजर
भारत और अमेरिका 2025 की शुरुआत से प्रस्तावित व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। इसका उद्देश्य शुल्क संबंधी मतभेदों को दूर करना, गैर-शुल्क बाधाओं को कम करना और दोनों देशों के बाजारों तक पहुंच बढ़ाना है। भारत चाहता है कि उसके उत्पादों को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले अनुकूल शुल्क व्यवस्था मिले। विदेश मंत्री जयशंकर भी हाल में संकेत दे चुके हैं कि वार्ता समझौते के अंतिम चरण के करीब पहुंच रही है। अब रुबियो की यात्रा से यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि व्यापार समझौते और रणनीतिक सहयोग पर दोनों देशों के बीच कितनी प्रगति होती है।