Abhijeet Dipke : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका के तिहाड़ जेल में बंद रहने के बीच संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके भावुक हो गए। इंस्टाग्राम पर लाइव आकर उन्होंने अपने दोनों साथियों को याद किया और कहा कि उनकी आंखों में आंसू डर के कारण नहीं, बल्कि अपने भाइयों के जेल में होने की वजह से हैं। उन्होंने कहा कि सौरव और आशुतोष उनके लिए केवल साथी नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य जैसे हैं।
व्हाट्सएप ग्रुप और मीम्स को याद कर छलका दर्द
अभिजीत दिपके ने कहा कि वह सौरव दास और आशुतोष रांका को बहुत याद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि तीनों का एक व्हाट्सएप ग्रुप है, जिसमें वे एक-दूसरे को मीम्स भेजते थे और आपस में बातचीत करते थे। जेल में दोनों साथियों के होने से उन्हें उनकी कमी महसूस हो रही है। भावुक होते हुए उन्होंने समर्थकों से भी अपील की कि वे अपने परिवार के पास लौटें और अपनों का ख्याल रखें।
प्रदर्शनकारियों से घर लौटने की अपील
लाइव प्रसारण के दौरान दिपके ने कहा कि लोगों के भीतर नफरत नहीं, बल्कि प्यार बना रहना चाहिए। इसके लिए परिवार के साथ समय बिताना जरूरी है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा कि वे अपने घर लौटें और अपने परिजनों की देखभाल करें। उनके मुताबिक, यह लड़ाई उन लोगों के लिए भी लड़ी जा रही है, जो प्रदर्शनकारियों को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते। उन्होंने महात्मा गांधी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि जरूरतमंद अनजान लोगों के लिए भी आवाज उठाना जरूरी है।
भावुकता कमजोरी नहीं, हमारी ताकत है: दिपके
अभिजीत दिपके ने कहा कि भावुकता को कमजोरी समझना गलत है, क्योंकि यही संवेदना उनकी ताकत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन अपने विचारों से पीछे नहीं हटेगा। दिपके ने उम्मीद जताई कि सौरव और आशुतोष जेल से बाहर आने के बाद भी मुस्कुराते हुए महात्मा गांधी के रास्ते पर चलेंगे। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद दोनों के भीतर नफरत पैदा नहीं की जा सकती। उनके अनुसार, प्रेम और करुणा बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि डर के सामने झुकने और चुप रहने की कोशिश करने वालों की जीत तभी होगी, जब लोग अपना प्रेम खो देंगे।
CJP नेताओं की न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ी
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ा दी है। पुलिस ने अनधिकृत प्रवेश से जुड़े मामले को सोमवार को अपनी अपराध शाखा को स्थानांतरित कर दिया। कनॉट प्लेस थाने में दर्ज प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223ए, 332 और 61(2) के तहत आरोप शामिल हैं। ये धाराएं विधिवत लागू आदेश की अवहेलना, अपराध करने के उद्देश्य से अनधिकृत प्रवेश और आपराधिक साजिश से संबंधित हैं।
दूसरी प्राथमिकी में सरकारी कामकाज में बाधा के आरोप
संसद मार्ग थाने में दर्ज एक अन्य प्राथमिकी में लोक सेवक के काम में बाधा डालने, स्वेच्छा से चोट पहुंचाने, सरकारी कर्तव्य निभाने से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल इस्तेमाल करने तथा समान मंशा से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। इनमें BNS की धारा 221, 115(2), 132, 121(1) और 3(5) शामिल हैं। फिलहाल दोनों नेताओं की हिरासत बढ़ने के बाद मामला कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रहा है।
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