Masood Azhar Bounty : जैश-ए-मोहम्मद (JeM) प्रमुख मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान की ओर से घोषित 70 लाख पाकिस्तानी रुपये के इनाम पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के इस कदम को दिखावटी और खोखला बताते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ केवल घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं। भारत ने पाकिस्तान से ऐसे मामलों में ठोस और प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है।
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान की कार्रवाई पर उठाए सवाल
रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से इस तरह की घोषणाएं पहले भी सामने आती रही हैं। उनके मुताबिक, आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोपों का सामना कर रहे किसी देश की ओर से केवल कागजी कार्रवाई करना विश्वसनीय कदम नहीं माना जा सकता। भारत का कहना है कि पाकिस्तान को ऐसी घोषणाओं के बजाय आतंकवादियों और उनके नेटवर्क के खिलाफ वास्तविक कार्रवाई करनी चाहिए, जिसका जमीन पर परिणाम दिखाई दे।

FIA की रेड बुक में शामिल हुआ मसूद अजहर
अगले महीने प्रस्तावित वित्तीय कार्रवाई कार्यबल यानी FATF की बैठक से पहले पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (FIA) ने मसूद अजहर को अपनी मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची ‘रेड बुक’ में शामिल किया है। एजेंसी ने उसके बारे में विश्वसनीय सूचना उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति को 70 लाख पाकिस्तानी रुपये तक का इनाम देने की घोषणा की है। पाकिस्तान का यह कदम ऐसे समय आया है, जब आतंकवाद के मुद्दे पर उस पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बना हुआ है।

भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी है मसूद अजहर
मसूद अजहर भारत में लंबे समय से मोस्ट वांटेड आतंकियों में शामिल है। पाकिस्तान की FIA की 1,804 मोस्ट वांटेड आतंकियों वाली सूची में उसका नाम 1480वें स्थान पर दर्ज किया गया है। हालांकि, भारत ने पाकिस्तान के इस दावे पर सवाल उठाया है कि वह अजहर को वांटेड मानता है। सवाल यह है कि यदि वह वास्तव में पाकिस्तान के लिए इतना बड़ा वांटेड आतंकी है, तो अब तक उसकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई।
लाल सागर की स्थिति पर भारत चिंतित
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने लाल सागर क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर भी भारत की चिंता जाहिर की। रणधीर जायसवाल ने बताया कि विदेश मंत्री ने BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान सऊदी अरब के विदेश मंत्री से मुलाकात की थी। इस बातचीत में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के साथ हूती विद्रोहियों से जुड़ी स्थिति पर भी चर्चा हुई। भारत ने सऊदी अरब पर हुए हमलों की निंदा की है।

बाब-अल-मंदेब में सुरक्षित आवाजाही जरूरी
भारत ने कहा कि लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती है। सऊदी अरब में नागरिकों, बुनियादी ढांचे और आर्थिक संपत्तियों को निशाना बनाने वाले हमलों की भारत ने निंदा की। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस तरह की घटनाएं समुद्री व्यापार और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए खतरा पैदा करती हैं। भारत ने क्षेत्र में जल्द शांति और स्थिरता बहाल होने की उम्मीद जताई।
रूस के साथ ऊर्जा सहयोग पर भी भारत का बयान
विदेश मंत्रालय ने भारत और रूस के बीच ऊर्जा सहयोग को दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। मंत्रालय के अनुसार, दोनों देश लंबे समय से ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग कर रहे हैं, जिसमें परमाणु ऊर्जा भी शामिल है। कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना को भारत-रूस सहयोग का सफल उदाहरण बताते हुए कहा गया कि दोनों देश इस साझेदारी को और मजबूत तथा विस्तारित करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
MT El Gaia हमले में भारतीय नाविक लापता
ओमान के तट के पास कमर्शियल जहाज MT El Gaia पर हुए हमले को लेकर भी विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी। पनामा के झंडे वाले इस जहाज पर 14 भारतीय नागरिक सवार थे। इनमें से 13 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय नाविक अब भी लापता है। ओमान के अधिकारियों की मदद से खोज और बचाव अभियान जारी है तथा भारतीय दूतावास लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है।
भारत ने सुरक्षित समुद्री मार्ग बहाल करने की अपील की
भारत ने व्यावसायिक जहाजों, नाविकों, नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने का विरोध किया है। विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने की अपील की। भारत का कहना है कि समुद्री व्यापार और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही जल्द से जल्द सामान्य होनी चाहिए, ताकि क्षेत्रीय अस्थिरता का अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर सीमित किया जा सके।
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