France vs Senegal : फुटबॉल विश्व कप के अपने पहले मुकाबले में फ्रांस ने सेनेगल को 3-1 से हराकर टूर्नामेंट का विजयी आगाज किया। हालांकि स्कोरलाइन जितनी एकतरफा दिखाई देती है, मुकाबला उतना आसान नहीं था। सेनेगल ने शुरुआती दौर में फ्रांस को कड़ी चुनौती दी और लंबे समय तक मैच को बराबरी पर बनाए रखा। लेकिन दूसरे हाफ में काइलियन एमबाप्पे के शानदार प्रदर्शन ने मैच का पूरा रुख बदल दिया और फ्रांस ने तीन महत्वपूर्ण अंक अपने नाम कर लिए।

2002 वर्ल्ड कप की यादों के साथ शुरू हुआ मुकाबला
जब भी विश्व कप में फ्रांस और सेनेगल आमने-सामने आते हैं, फुटबॉल प्रेमियों को 2002 विश्व कप का वह ऐतिहासिक मुकाबला याद आ जाता है, जिसमें सेनेगल ने तत्कालीन विश्व चैंपियन फ्रांस को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। इस बार भी शुरुआती खेल को देखकर ऐसा लग रहा था कि इतिहास कहीं खुद को दोहरा न दे। पहले हाफ में सेनेगल ने जिस आत्मविश्वास और आक्रामकता के साथ खेल दिखाया, उसने फ्रांसीसी समर्थकों की चिंता बढ़ा दी थी।

पहले हाफ में सेनेगल का रहा दबदबा
मैच की शुरुआत से ही सेनेगल ने फ्रांस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। टीम के खिलाड़ियों ने शानदार पासिंग और तेज अटैक के जरिए कई मौके बनाए। जैक्सन का एक दमदार शॉट क्रॉसबार से टकरा गया, जिससे फ्रांस को राहत मिली। वहीं हाफटाइम से ठीक पहले सरो के पास गोल करने का सुनहरा अवसर था, लेकिन वह उसे भुनाने में असफल रहे। दूसरी ओर, फ्रांस की स्टार खिलाड़ियों से सजी टीम लगातार संघर्ष करती नजर आई और पहले 45 मिनट में कोई गोल नहीं कर सकी। नतीजतन, मध्यांतर तक मुकाबला 0-0 की बराबरी पर रहा।
ब्रेक के बाद बदला फ्रांस का खेल
दूसरे हाफ में फ्रांस की टीम पूरी तरह बदली हुई दिखाई दी। कोच डिडिएर डेसचैम्प्स के खिलाड़ियों ने अधिक आक्रामक अंदाज अपनाया और गेंद पर नियंत्रण बढ़ाया। धीरे-धीरे सेनेगल की मजबूत रक्षा पंक्ति दबाव में आने लगी। फ्रांस लगातार गोल की तलाश में था और उसके प्रयासों का असर भी दिखाई देने लगा। मैच की गति अब पूरी तरह फ्रांस के पक्ष में झुक चुकी थी।
एमबाप्पे ने खोला गोल का खाता
फ्रांस के कप्तान काइलियन एमबाप्पे पूरे मैच में गोल करने के लिए बेहद उत्साहित नजर आए। 66वें मिनट में उनका इंतजार खत्म हुआ जब उन्हें एक बेहतरीन पास मिला। उन्होंने शानदार नियंत्रण दिखाते हुए गेंद को गोलपोस्ट के भीतर पहुंचा दिया। इस गोल ने फ्रांस को 1-0 की बढ़त दिला दी और टीम का आत्मविश्वास भी बढ़ गया।
बारकोला ने आते ही बढ़ाई बढ़त
मैच के 80वें मिनट में कोच डेसचैम्प्स ने एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए डेम्बेले की जगह बारकोला को मैदान में उतारा। यह फैसला तुरंत सफल साबित हुआ। मैदान पर आने के महज 190 सेकंड बाद ही बारकोला ने शानदार गोल दागकर फ्रांस की बढ़त को दोगुना कर दिया। इस गोल ने सेनेगल की वापसी की उम्मीदों को बड़ा झटका पहुंचाया।
अतिरिक्त समय में फिर चमका एमबाप्पे का जादू
इंजरी टाइम में एमबाप्पे ने एक बार फिर अपनी विश्वस्तरीय क्षमता का प्रदर्शन किया। 96वें मिनट में उन्होंने लंबी दूरी से जोरदार शॉट लगाया, जो सीधे गोल में जा समाया। यह गोल मुकाबले का सबसे शानदार क्षण माना गया। इस गोल के साथ उन्होंने फ्रांस के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक गोल करने का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
सेनेगल ने किया संघर्ष, लेकिन जीत नहीं बचा सका
मैच के 95वें मिनट में युवा खिलाड़ी इब्राहिम ने सेनेगल के लिए गोल कर स्कोर 3-1 कर दिया। इस गोल से कुछ समय के लिए सेनेगल की उम्मीदें जगीं, लेकिन फ्रांस की बढ़त बहुत मजबूत साबित हुई। आखिरकार अंतिम सीटी बजते ही फ्रांस ने शानदार जीत के साथ अपने विश्व कप अभियान की शुरुआत की, जबकि सेनेगल को हार के बावजूद अपने संघर्षपूर्ण प्रदर्शन पर गर्व करने का मौका मिला।
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