MCG Pitch Controversy
MCG Pitch Controversy: मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर होने वाले बॉक्सिंग डे टेस्ट का इंतजार दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसक पूरे साल करते हैं। फैंस को उम्मीद थी कि ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच यह एशेज मुकाबला पांच दिनों तक रोमांच की पराकाष्ठा पर होगा, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट रही। 26 दिसंबर को शुरू हुआ यह मैच दूसरे दिन ही खत्म हो गया, जिसमें इंग्लैंड ने 4 विकेट से जीत दर्ज की। दो दिनों के भीतर टेस्ट मैच का नतीजा आने के बाद अब मेलबर्न की पिच और टेस्ट क्रिकेट के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों से लेकर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) के अधिकारियों तक ने अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की है।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) टॉड ग्रीनबर्ग ने मैच के इतनी जल्दी खत्म होने पर चिंता जताई है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस तरह के मुकाबले टेस्ट क्रिकेट के स्वास्थ्य के लिए अच्छे नहीं हैं। ग्रीनबर्ग ने कहा, “एक प्रशंसक के तौर पर कम स्कोर वाले और जल्दी खत्म होने वाले मैच रोमांचक लग सकते हैं, लेकिन खेल के व्यापक हित में हम चाहते हैं कि टेस्ट मैच लंबे समय तक चलें। पहले दिन का खेल और पिच का मिजाज देखने के बाद मैं पूरी रात सो नहीं पाया था।” उन्होंने आगे संकेत दिया कि अब तक बोर्ड पिच तैयार करने में हस्तक्षेप नहीं करता था, लेकिन व्यावसायिक नुकसान और खेल की साख को देखते हुए भविष्य में वे पिच निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने पर विचार कर रहे हैं।
मैच खत्म होने के बाद इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज केविन पीटरसन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर तीखा हमला बोला। पीटरसन ने पिच की आलोचना में होने वाले दोहरे मापदंडों की ओर इशारा किया। उन्होंने लिखा, “जब भारत में किसी टेस्ट मैच के पहले दिन ज्यादा विकेट गिरते हैं, तो पूरी दुनिया पिच को लेकर हाय-तौबा मचाने लगती है और कड़ी आलोचना होती है। मुझे उम्मीद है कि मेलबर्न की इस पिच के लिए ऑस्ट्रेलिया को भी वैसी ही आलोचना का सामना करना पड़ेगा। न्याय और नियम सभी के लिए समान होने चाहिए।” पीटरसन का इशारा उन विदेशी विशेषज्ञों की ओर था जो उपमहाद्वीप की स्पिन ट्रैक की तो निंदा करते हैं, लेकिन तेज गेंदबाजों के लिए मददगार ऐसी ‘अति-अनुकूल’ पिचों पर चुप्पी साध लेते हैं।
भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने भी एमसीजी की पिच को ‘साधारण’ करार दिया। कार्तिक ने आंकड़ों का हवाला देते हुए हैरानी जताई कि मौजूदा एशेज सीरीज के चार टेस्ट मैचों में से दो मुकाबले सिर्फ दो दिनों के अंदर खत्म हो गए। उन्होंने कहा, “यह यकीन करना मुश्किल है कि चार एशेज टेस्ट मैच कुल मिलाकर सिर्फ 13 दिनों के भीतर समाप्त हो गए। दर्शकों के पैसे और खेल के रोमांच के नजरिए से यह काफी निराशाजनक है।” मेलबर्न की इस पिच पर घास और उछाल का असंतुलन इतना अधिक था कि बल्लेबाज पूरी तरह बेबस नजर आए।
बॉक्सिंग डे टेस्ट का दो दिन में खत्म होना न केवल खेल के लिए बुरा है, बल्कि इसके बड़े आर्थिक परिणाम भी हैं। ब्रॉडकास्टर्स, विज्ञापनों और टिकटों की बिक्री से होने वाली करोड़ों की कमाई तीन दिन का खेल न होने की वजह से डूब गई है। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड की प्रतिष्ठा भी दांव पर है, क्योंकि आईसीसी (ICC) ऐसी पिचों को ‘औसत से नीचे’ की रेटिंग दे सकता है। अब देखना यह होगा कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया भविष्य में ऐसी पिचों के निर्माण को रोकने के लिए क्या कड़े कदम उठाता है।
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