Microsoft VEO 2026: दुनिया की प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों में शामिल माइक्रोसॉफ्ट ने कर्मचारियों के लिए नई स्वैच्छिक निकासी योजना पेश की है। सोमवार को घोषित इस पहल के तहत भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में पात्र कर्मचारियों को कंपनी छोड़ने का विकल्प दिया जाएगा। इस योजना में शामिल होने वाले कर्मचारियों को वित्तीय सहायता के साथ करियर में बदलाव के लिए मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा। कंपनी की इस पहल को कर्मचारियों और कारोबारी जरूरतों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, यह योजना सभी कर्मचारियों और विभागों पर समान रूप से लागू नहीं होगी।

किन कर्मचारियों को मिलेगा योजना का लाभ?
माइक्रोसॉफ्ट की कार्यकारी उपाध्यक्ष और मुख्य मानव संसाधन अधिकारी एमी कोलमैन ने अपने ब्लॉग पोस्ट में योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह सुविधा चारों देशों में चुनिंदा टीमों के उन कर्मचारियों के लिए उपलब्ध होगी, जिनका आंतरिक जॉब ग्रेड 70 या उससे कम है। कंपनी के मुताबिक, पात्रता संबंधित टीमों और कारोबारी इकाइयों की जरूरतों के आधार पर तय की जाएगी। कर्मचारियों को योजना की शर्तों और उपलब्ध विकल्पों के बारे में ईमेल के माध्यम से जानकारी दी जाएगी।

दुनियाभर में करीब 60 हजार कर्मचारी पात्र
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट में वैश्विक स्तर पर लगभग 60,000 कर्मचारी इस स्वैच्छिक निकासी पेशकश यानी वॉलंटरी एग्जिट ऑफर (VEO) के लिए पात्र हो सकते हैं। भारत में कंपनी के करीब 23,000 कर्मचारी हैं, लेकिन इनमें से कितने लोग इस योजना के दायरे में आएंगे, इसकी स्पष्ट संख्या अभी सामने नहीं आई है। सूत्रों के मुताबिक, भारत में पात्र कर्मचारियों को प्रस्ताव पर फैसला लेने के लिए 1 दिसंबर तक का समय मिलेगा। हालांकि, संबंधित कर्मचारियों के लिए लागू अंतिम समयसीमा की पुष्टि कंपनी की आधिकारिक सूचना से करना जरूरी होगा।
नौकरी छोड़ने पर क्या मिलेगा वित्तीय पैकेज?
इस योजना के तहत पात्र कर्मचारियों को आर्थिक सहायता और करियर परिवर्तन में सहयोग देने की बात कही गई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, पैकेज में कंपनी में सेवा के प्रत्येक पूरे वर्ष के लिए एक महीने के मूल वेतन के बराबर राशि शामिल हो सकती है। इसके अलावा, स्वास्थ्य बीमा और नई नौकरी या करियर के अगले चरण की तैयारी में सहायता देने का भी प्रावधान बताया गया है। हालांकि, कर्मचारियों को मिलने वाले वास्तविक लाभ उनकी पात्रता और कंपनी की ओर से जारी की जाने वाली शर्तों पर निर्भर करेंगे।
सभी विभागों में लागू नहीं होगी योजना
एमी कोलमैन के अनुसार, यह सीमित अवधि की पहल कर्मचारियों को कंपनी से बाहर नए अवसर तलाशने के लिए सहायता देती है। साथ ही, संबंधित कारोबारी इकाइयों को अपने कर्मचारियों की संख्या और संगठनात्मक संरचना में बदलाव करने का विकल्प मिलता है। माइक्रोसॉफ्ट ने स्पष्ट किया है कि योजना सभी विभागों में एक जैसी लागू नहीं होगी। इसकी उपलब्धता कारोबार की प्राथमिकताओं, ग्राहकों के प्रति प्रतिबद्धताओं और कर्मचारियों की जरूरतों के आधार पर तय की जाएगी।

भारत में AI और क्लाउड पर निवेश जारी रखेगी कंपनी
माइक्रोसॉफ्ट के प्रवक्ता ने कहा है कि कंपनी भारत में प्रतिभा विकास और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश जारी रखे हुए है। कंपनी ने 2025 से 2029 के दौरान क्लाउड, कृत्रिम मेधा यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बुनियादी ढांचे, कौशल विकास और परिचालन के लिए 20.5 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। इसके साथ ही, कंपनी का लक्ष्य 2030 तक भारत में दो करोड़ लोगों को AI कौशल से प्रशिक्षित करना है। ऐसे में स्वैच्छिक निकासी योजना और भारत में निवेश की प्रतिबद्धता कंपनी की अलग-अलग कारोबारी पहलों का हिस्सा हैं।

