Middle East War
Middle East War: छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच एक अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण वहां रह रहे छत्तीसगढ़ के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह मुस्तैद है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में फंसे राज्य के हर एक नागरिक को सुरक्षित वापस लाने और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रशासनिक तंत्र को सक्रिय किया जाए। इसी कड़ी में सरकार ने दिल्ली में एक विशेष संपर्क केंद्र स्थापित किया है ताकि केंद्र सरकार और संबंधित दूतावासों के साथ त्वरित समन्वय स्थापित किया जा सके।
सरकार के आधिकारिक आदेश के अनुसार, नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ भवन में पदस्थ लॉयजन ऑफिसर (संपर्क अधिकारी) लेखा अजगल्ले को इस मिशन के लिए आधिकारिक ‘नोडल अधिकारी’ नियुक्त किया गया है। नोडल अधिकारी की मुख्य जिम्मेदारी पश्चिम एशिया के संघर्षग्रस्त देशों में फंसे छत्तीसगढ़ के नागरिकों की पहचान करना और उनके परिवारों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखना होगा। लेखा अजगल्ले सीधे तौर पर विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावासों के संपर्क में रहेंगी, ताकि वहां फंसे लोगों की लोकेशन ट्रेस की जा सके और उनके सुरक्षित निष्कासन (Evacuation) की प्रक्रिया को गति दी जा सके।
पश्चिम एशिया क्षेत्र में 28 फरवरी से शुरू हुई जंग ने मानवीय संकट पैदा कर दिया है। छत्तीसगढ़ के कई युवा और पेशेवर ईरान, इजरायल और आसपास के देशों में रोजगार या शिक्षा के सिलसिले में निवास कर रहे हैं। युद्ध की स्थिति को देखते हुए हवाई सेवाएं बाधित हैं और संचार के साधनों पर भी असर पड़ा है। इस अनिश्चितता के माहौल में छत्तीसगढ़ के नागरिकों को आवश्यक चिकित्सकीय मदद, भोजन और सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने दिल्ली स्थित टीम को पूरी तरह से ‘ऑन अलर्ट’ मोड पर रखा है। सरकार का मानना है कि एक समर्पित नोडल अधिकारी होने से सूचनाओं का आदान-प्रदान और सहायता की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित होगी।
राज्य सरकार के इस फैसले से उन परिवारों को बड़ी राहत मिली है जिनके परिजन वर्तमान में मिडिल ईस्ट के अशांत देशों में हैं। अक्सर ऐसे संकट के समय परिवारों को यह समझ नहीं आता कि वे किससे संपर्क करें। अब नोडल अधिकारी के माध्यम से पीड़ित परिवार सीधे अपनी शिकायत या जानकारी दर्ज करा सकेंगे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ भवन के अधिकारी चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) खुद इस पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग कर रहा है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में राज्य के नागरिकों को अकेला न छोड़ना पड़े।
विष्णुदेव साय सरकार ने केंद्र सरकार के ‘ऑपरेशन अजय’ जैसे पूर्व अनुभवों को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारियों को पुख्ता किया है। नोडल अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगी कि जैसे ही केंद्र सरकार की ओर से विशेष विमानों या निकासी के रास्ते खोले जाएं, छत्तीसगढ़ के नागरिकों को प्राथमिकता के आधार पर वहां से निकाला जाए। राज्य सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और आधिकारिक माध्यमों से ही संपर्क करें। छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम आपदा प्रबंधन और प्रवासी नागरिकों की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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