Migraine vs Headache : सिरदर्द होने पर कई लोग इसे थकान, तनाव या नींद की कमी का परिणाम मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, हर सिरदर्द का कारण एक जैसा नहीं होता। सामान्य तनाव से जुड़े सिरदर्द और माइग्रेन के लक्षणों में कुछ महत्वपूर्ण अंतर होते हैं। सामान्य सिरदर्द में अक्सर सिर पर दबाव या कसाव महसूस होता है, जबकि माइग्रेन में धड़कने जैसा दर्द, जी मिचलाना और रोशनी या तेज आवाज से परेशानी हो सकती है।
सिर के किस हिस्से में होता है दर्द?
तनाव से जुड़े सिरदर्द में आमतौर पर सिर के दोनों तरफ दर्द या दबाव महसूस होता है। ऐसा लग सकता है, जैसे सिर के चारों ओर कसकर पट्टी बांधी गई हो। इसके विपरीत, माइग्रेन का दर्द अक्सर सिर के एक तरफ होता है और धड़कने जैसा महसूस हो सकता है। हालांकि, कुछ लोगों को दोनों तरफ भी दर्द होता है। इसलिए केवल दर्द की जगह के आधार पर माइग्रेन का फैसला नहीं किया जा सकता।
दर्द के साथ कौन-से लक्षण दिखाई देते हैं?
सामान्य तनाव वाले सिरदर्द में हल्का या मध्यम दर्द, भारीपन और सिर में कसाव महसूस हो सकता है। आमतौर पर इसमें उल्टी या तेज रोशनी से अत्यधिक परेशानी जैसे लक्षण प्रमुख नहीं होते। वहीं, माइग्रेन में जी मिचलाना, उल्टी, रोशनी और आवाज के प्रति संवेदनशीलता हो सकती है। कई लोगों को दर्द के दौरान शांत और अंधेरे कमरे में आराम करने की जरूरत महसूस होती है। चलने-फिरने या सीढ़ियां चढ़ने जैसी गतिविधियों से माइग्रेन का दर्द बढ़ सकता है।
सामान्य सिरदर्द और माइग्रेन कितनी देर रहते हैं?
तनाव से जुड़े सिरदर्द की अवधि व्यक्ति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। यह लगभग 30 मिनट से लेकर कई घंटों तक रह सकता है। दूसरी ओर, वयस्कों में माइग्रेन का एक दौरा आमतौर पर 4 से 72 घंटे तक चल सकता है। इस दौरान दर्द की तीव्रता घट-बढ़ सकती है। यदि सिरदर्द बार-बार हो, लंबे समय तक बना रहे या दैनिक गतिविधियों को प्रभावित करे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
क्या होता है माइग्रेन ऑरा?
माइग्रेन से पीड़ित कुछ लोगों को सिरदर्द से पहले या उसके दौरान विशेष तरह के लक्षण महसूस होते हैं। इसे माइग्रेन ऑरा कहा जाता है। इसमें आंखों के सामने चमकती रोशनी, टेढ़ी-मेढ़ी रेखाएं या धब्बे दिखाई दे सकते हैं। कुछ लोगों को हाथ-पैरों में झनझनाहट या बोलने में परेशानी भी हो सकती है। हालांकि, हर माइग्रेन मरीज को ऑरा नहीं होता। पहली बार अचानक नजर में बदलाव, कमजोरी या बोलने में कठिनाई होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
सिरदर्द होने पर कब डॉक्टर से संपर्क करें?
सिरदर्द का सही कारण जानने के लिए डॉक्टर दर्द की प्रकृति, अवधि, अन्य लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री का आकलन करते हैं। जरूरत पड़ने पर आगे की जांच भी की जा सकती है। यदि अचानक बेहद तेज सिरदर्द हो, बेहोशी आए, गर्दन अकड़ जाए या बुखार के साथ भ्रम की स्थिति बने, तो आपातकालीन सहायता लें। बार-बार होने वाले सिरदर्द को केवल तनाव मानकर छोड़ना उचित नहीं है।
निष्कर्ष: लक्षणों को समझें, खुद से निदान न करें
सिर में दबाव या कसाव तनाव से जुड़े सिरदर्द का संकेत हो सकता है, जबकि धड़कता दर्द, जी मिचलाना और रोशनी से परेशानी माइग्रेन में देखी जा सकती है। फिर भी, दोनों के लक्षणों में समानता संभव है। सही निदान और उपचार के लिए चिकित्सकीय सलाह लेना सबसे बेहतर कदम है।
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