Indian Ministers Assets: वित्त वर्ष 2024-25 के लिए केंद्रीय मंत्रियों ने अपनी संपत्तियों का ब्योरा प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की वेबसाइट पर सार्वजनिक किया है। इस विवरण में पारंपरिक संपत्तियों जैसे ज़मीन, गाड़ियाँ और आभूषणों के अलावा, क्रिप्टोकरेंसी, म्यूचुअल फंड और हथियारों जैसे अनोखे निवेश भी शामिल हैं। इस संपत्ति विवरण ने ना केवल मंत्रियों की वित्तीय स्थिति को उजागर किया है, बल्कि कुछ चौंकाने वाले तथ्यों से आम जनता का ध्यान भी खींचा है।

गडकरी के पास तीन गाड़ियां, 31 साल पुरानी एम्बेसडर भी शामिल
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अपनी संपत्ति में 31 साल पुरानी एम्बेसडर कार, एक SUV और एक इनोवा कार को शामिल किया है। उनके पास 37 लाख रुपये की सोने की ज्वेलरी भी है। उनकी पत्नी कंचन नितिन गडकरी के पास 28 लाख रुपये से अधिक मूल्य के सोने के आभूषण हैं।

क्रिप्टो में निवेश करने वाले पहले मंत्री बने जयंत चौधरी
कौशल विकास राज्य मंत्री और RLD अध्यक्ष जयंत चौधरी ने ₹21.31 लाख की क्रिप्टोकरेंसी में निवेश की जानकारी दी है। उनकी पत्नी चारु सिंह के पास भी ₹22.41 लाख की डिजिटल एसेट्स हैं। जयंत चौधरी ऐसे पहले और इकलौते केंद्रीय मंत्री हैं, जिन्होंने अपनी संपत्ति में क्रिप्टो निवेश को सार्वजनिक रूप से शामिल किया है। गौरतलब है कि भारत में अभी क्रिप्टोकरेंसी को लेकर स्पष्ट कानूनी ढांचा नहीं है। RBI कई बार इसके जोखिमों को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दे चुका है।
सीतारमण से लेकर सिंधिया तक: बाकी मंत्रियों की संपत्ति का ब्यौरा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण: ₹27 लाख की ज्वेलरी और ₹19 लाख के म्यूचुअल फंड।
राव इंदरजीत सिंह: 1.2 करोड़ से अधिक मूल्य की 1,679 ग्राम सोने की ज्वेलरी और 10 किलो चांदी-हीरे के गहने।
वीरेंद्र कुमार (सामाजिक न्याय मंत्री): 37 साल पुराना स्कूटर और एक रिवॉल्वर।
रवनीत सिंह बिट्टू (रेल और फूड प्रोसेसिंग राज्यमंत्री): 1997 मॉडल की मारुति कार।
अन्नपूर्णा देवी (महिला एवं बाल विकास मंत्री): रिवॉल्वर, राइफल, ट्रैक्टर और 1 करोड़ रुपये से अधिक के म्यूचुअल फंड।
सावित्री ठाकुर (राज्य मंत्री): डबल बैरल गन, रिवॉल्वर और ₹67 लाख से अधिक की सोने की ज्वेलरी।
शिवराज सिंह चौहान (कृषि मंत्री): ₹8.98 करोड़ की संपत्ति, रिवॉल्वर और पुरानी एम्बेसडर कार।
ज्योतिरादित्य सिंधिया (संचार मंत्री): ₹374 करोड़ की कुल संपत्ति और एक पुरानी BMW कार।
मंत्रियों द्वारा घोषित संपत्ति विवरण ने दिखाया है कि कई नेता आज भी पुरानी गाड़ियों और पारंपरिक संपत्तियों से जुड़े हैं, जबकि कुछ जैसे जयंत चौधरी ने नवीन डिजिटल संपत्तियों की ओर रुझान दिखाया है।यह सूची न केवल पारदर्शिता का प्रतीक है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे संपत्ति का स्वरूप समय के साथ बदल रहा है।










