Mitchell Starc Retirement: ऑस्ट्रेलिया के स्टार तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने T20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। 13 साल के लंबे करियर के बाद स्टार्क ने क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट को अलविदा कहा है। बाएं हाथ के इस घातक तेज गेंदबाज ने 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ डेब्यू किया था और अपना आखिरी T20I मुकाबला जून 2024 में भारत के खिलाफ खेला।

65 मैच, 79 विकेट: दमदार रहा T20 करियर
मिचेल स्टार्क ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 65 T20 इंटरनेशनल मैच खेले, जिसमें उन्होंने 79 विकेट अपने नाम किए। यह आंकड़ा उन्हें ऑस्ट्रेलिया का दूसरा सबसे सफल T20 गेंदबाज बनाता है। उनसे आगे केवल स्पिनर एडम जंपा हैं, जिन्होंने 130 विकेट लिए हैं। तेज गेंदबाजों में स्टार्क का रिकॉर्ड सबसे प्रभावशाली रहा है।

2021 T20 वर्ल्ड कप जीत: करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि
स्टार्क के T20I करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि 2021 का T20 वर्ल्ड कप है। इस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने पहली बार यह खिताब जीता था। स्टार्क ने उस टूर्नामेंट में अपनी रफ्तार और सटीकता से विपक्षी बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी थी।
क्यों लिया संन्यास?
मिचेल स्टार्क के अचानक संन्यास की खबर तब आई, जब ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड के खिलाफ T20 सीरीज के लिए अपनी टीम की घोषणा की। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर इस फैसले की जानकारी दी।
संन्यास के पीछे की संभावित वजह उनके फॉर्मेट प्रबंधन से जुड़ी है। 35 वर्षीय स्टार्क अब अपने करियर के अंतिम वर्षों में टेस्ट और वनडे फॉर्मेट पर फोकस करना चाहते हैं। खासतौर पर 2027 वनडे वर्ल्ड कप उनकी प्राथमिकता में है, जिसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने T20 इंटरनेशनल से दूरी बनाने का फैसला लिया है।
पाकिस्तान से शुरुआत, भारत पर खत्म
स्टार्क का T20 इंटरनेशनल सफर 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ शुरू हुआ और 2024 में भारत के खिलाफ खत्म हुआ। यह सफर न सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धियों से भरा रहा, बल्कि ऑस्ट्रेलिया को T20 में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में भी स्टार्क की भूमिका अहम रही।
मिचेल स्टार्क का T20 इंटरनेशनल से संन्यास क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक युग के अंत जैसा है। उनकी रफ्तार, यॉर्कर और मैच जिताऊ गेंदबाजी ने इस फॉर्मेट में उन्हें खास बनाया। अब जब वह टेस्ट और वनडे क्रिकेट पर फोकस कर रहे हैं, तो फैन्स को उम्मीद है कि वह आने वाले वर्षों में भी ऑस्ट्रेलिया के लिए अहम भूमिका निभाते रहेंगे।










