MK Stalin Protest : तमिलनाडु की राजनीति में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) और विपक्षी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के बीच टकराव बढ़ता नजर आ रहा है। DMK अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सरकार के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। 31 अक्टूबर को पार्टी की महिला विंग सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगी। स्टालिन ने वीडियो संदेश और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट के जरिए सरकार पर निशाना साधते हुए इसे दिशाहीन बताया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन का उद्देश्य सरकार को जनता की समस्याओं के प्रति जगाना है।

मुख्यमंत्री विजय पर फिल्मी छवि को लेकर तंज
स्टालिन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता ने विजय को इस उम्मीद से समर्थन दिया था कि उनकी फिल्मों में दिखाई देने वाला हीरो जैसा अंदाज वास्तविक जीवन में भी नजर आएगा। लेकिन, उनके मुताबिक जनता को निराशा हाथ लगी है। स्टालिन ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं हैं और ऐसा व्यवहार कर रहे हैं, मानो अभी भी फिल्म की शूटिंग के दौरान कैरावैन में बैठे हों। उन्होंने मुख्यमंत्री के पद को सामान्य 9 से 5 बजे की नौकरी की तरह लेने का आरोप भी लगाया।

कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप
DMK अध्यक्ष ने तमिलनाडु की कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने चेन्नई के मायलापुर, अड्यार और तारामणि जैसे इलाकों में हुई हत्याओं, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध तथा अन्य आपराधिक घटनाओं का उल्लेख किया। स्टालिन ने थेनी जिला जेल से एक ही रात में 17 कैदियों के फरार होने का भी दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल की करीब आधी आपराधिक घटनाओं में सत्तारूढ़ TVK के पदाधिकारियों की संलिप्तता है। ये सभी आरोप स्टालिन की ओर से लगाए गए हैं।
ड्रग्स मामले को लेकर भी उठाए सवाल
स्टालिन ने राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की ओर से TVK के एक पदाधिकारी की कथित गिरफ्तारी का हवाला दिया। उनके अनुसार, संबंधित पदाधिकारी पर अंतरराष्ट्रीय सिंथेटिक ड्रग्स तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप है। उन्होंने सवाल उठाया कि कथित ड्रग्स कारोबार से कमाए गए पैसे का इस्तेमाल क्या पार्टी के चुनावी अभियान में किया गया था। स्टालिन ने इस मामले में सरकार से जवाब मांगा और कहा कि ऐसे आरोपों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
महंगाई और बिजली खरीद को लेकर भी निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री ने रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने चावल और प्याज जैसे जरूरी सामान महंगे होने का आरोप लगाते हुए सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल किए। बिजली क्षेत्र में 37 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदने के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरा। स्टालिन ने इसे दीर्घकालिक योजना की कमी का परिणाम बताया।

थूथुकुडी परियोजना और बिजली संकट पर पलटवार
बिजली मंत्री विश्वनाथन की ओर से पिछली DMK सरकार को बिजली संकट के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने पर स्टालिन ने पलटवार किया। उन्होंने थूथुकुडी परियोजना में 13 हजार करोड़ रुपये की लागत में से 6 हजार करोड़ रुपये के नुकसान से जुड़े आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। स्टालिन ने कहा कि सरकार बार-बार अपने बयान और बहाने बदल रही है। उनके मुताबिक, इससे मौजूदा प्रशासन के कामकाज पर सवाल खड़े होते हैं।
थेवर स्मारक पर श्रद्धांजलि और उपचुनाव पर बयान
मदुरै में स्वतंत्रता सेनानी पसुमपोन मुथुरामलिंगा थेवर के स्मारक पर श्रद्धांजलि देने के बाद स्टालिन ने कहा कि DMK हमेशा से थेवर का सम्मान करती रही है। उन्होंने उनकी निडर भावना से प्रेरणा लेने की बात कही। अंबासमुद्रम उपचुनाव में NTK प्रमुख सीमन को समर्थन देने के सवाल पर स्टालिन ने कहा कि चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद पार्टी अपना फैसला करेगी।
पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी को बताया राजनीतिक प्रतिशोध
चेन्नई एयरपोर्ट पर पूर्व DMK मंत्री की गिरफ्तारी से जुड़े सवाल पर स्टालिन ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले का कानूनी तरीके से अदालत में सामना करेगी। स्टालिन ने अपने बयान में MISA, TADA और POTA जैसे कठोर कानूनों का उल्लेख करते हुए कहा कि DMK पहले भी कठिन राजनीतिक और कानूनी परिस्थितियों का सामना कर चुकी है।
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