Delhi Bomb Threat: राजधानी दिल्ली के शैक्षणिक संस्थानों में उस समय हड़कंप मच गया जब 20 से ज्यादा कॉलेजों को एक साथ बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मिले। इनमें चाणक्यपुरी स्थित जीसस एंड मैरी कॉलेज सहित नामचीन संस्थान शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलते ही दिल्ली पुलिस और बम निरोधक दस्ते सक्रिय हो गए और संबंधित कॉलेज परिसरों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि सभी धमकियां फर्जी निकलीं और किसी भी संस्थान में कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। पुलिस फिलहाल इस साइबर धमकी के पीछे के साजिशकर्ताओं का पता लगाने में जुटी है। क्या है मामला? सूत्रों के अनुसार, बुधवार सुबह कई कॉलेजों को एक ही तरह का धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें लिखा गया था कि “कॉलेज परिसर में बम लगाया गया है और जल्द ही धमाका होगा।” जैसे ही यह सूचना प्रशासन और दिल्ली पुलिस को मिली, तुरंत बम स्क्वायड, डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीमों को अलर्ट पर डालकर कॉलेजों की घेराबंदी की गई। बम स्क्वायड द्वारा किए गए सर्च ऑपरेशन में किसी भी परिसर में कोई विस्फोटक नहीं मिला, जिससे स्पष्ट हो गया कि यह एक फर्जी अलर्ट था। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की हरकतें डर और अस्थिरता फैलाने की कोशिश हैं, जिन्हें गंभीरता से लिया जा रहा है। पुलिस की शुरुआती जांच: VPN का इस्तेमाल दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने बताया कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि धमकी भेजने वाले ने VPN (Virtual Private Network) का इस्तेमाल किया, जिससे उसका लोकशन और पहचान छिपाई जा सके। इससे जांच में थोड़ी चुनौती जरूर है, लेकिन तकनीकी सहायता से ईमेल सोर्स को ट्रैक करने की कोशिशें जारी हैं। छात्र और अभिभावक दहशत में इस घटना के बाद कई कॉलेजों में क्लासें स्थगित कर दी गईं और छात्रों को घर भेजा गया। छात्रों और अभिभावकों में खौफ का माहौल देखने को मिला। हालांकि पुलिस ने सभी को भरोसा दिलाया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। दिल्ली पुलिस का बयान दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हम मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। इस तरह की फर्जी धमकियां कानूनन अपराध हैं और संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।”शिक्षण संस्थानों को इस तरह की बम धमकी देना एक आपराधिक और अमानवीय कृत्य है। यह न सिर्फ विद्यार्थियों की पढ़ाई में बाधा डालता है, बल्कि मानसिक रूप से डर का माहौल भी पैदा करता है। साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। Read More : Sukma Naxal attack: सुकमा में नक्सलियों की बर्बरता, शिक्षा दूत की धारदार हथियार से हत्या, इलाके में दहशत का माहौल














