Mumbai Rain : देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में लगभग दो सप्ताह की देरी के बाद दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने आखिरकार जोरदार दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) की घोषणा के बाद शहर के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश हुई, जिससे भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे मुंबईकरों को कुछ राहत तो मिली, लेकिन यह राहत जल्द ही मुसीबत में बदल गई। बारिश के कुछ ही घंटों के भीतर शहर के कई इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के ‘मॉनसून-पूर्व तैयारियों’ के दावों की कलई खोलकर रख दी है। बीएमसी ने नाला सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने का जो वादा किया था, वह पहली ही बारिश में पूरी तरह विफल साबित हुआ है।

मालाड और दिंडोशी में बाढ़ जैसे हालात
बारिश के कारण मुंबई के विभिन्न इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। विशेष रूप से मालाड पूर्व के कुरार विलेज स्थित कोंकणीपाड़ा क्षेत्र में स्थिति बेहद चिंताजनक है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि अवैध निर्माण कार्यों के चलते प्राकृतिक जल निकासी के रास्ते अवरुद्ध हो गए हैं, जिसके कारण बारिश का पानी सीधे उनके घरों के अंदर घुस गया। मंगलवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद लोगों के घरों में कमर तक पानी भर गया। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को जलमग्न घरों में रहने को मजबूर होना पड़ा। इस आपदा में लोगों का खाद्यान्न, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक सामान पूरी तरह नष्ट हो गया है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक क्षति हुई है। सायन सबवे, एलबीएस रोड कुर्ला, अंधेरी, बांद्रा और गोरेगांव जैसे प्रमुख इलाकों में भी पानी भरने की सूचना मिली है, जिससे यातायात व्यवस्था ठप हो गई है।

बीएमसी की लाचारी और बचाव कार्य
जलभराव की समस्या पर बीएमसी के अधिकारियों का कहना है कि वे स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। अधिकारी ऋतिक ने स्वीकार किया कि उनके पास जलभराव का कोई स्थायी समाधान नहीं है और वे केवल अस्थायी उपाय कर रहे हैं। कई स्थानों पर वाहन अंडरपास में फंस रहे हैं, जिन्हें निकालने के लिए प्रशासन को मशक्कत करनी पड़ रही है। बीएमसी के एक अन्य अधिकारी रॉबर्ट ने बताया कि उनकी प्राथमिकता अंडरपास में वाहनों के प्रवेश को रोकना और लोगों की जान बचाना है।
आगामी दिनों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने 24 जून से 30 जून तक महाराष्ट्र के लिए अलर्ट जारी किया है। कोंकण क्षेत्र में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि मध्य महाराष्ट्र के लिए 26 जून को ‘ऑरेंज अलर्ट’ घोषित किया गया है। मराठवाड़ा में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष मॉनसून में देरी के कारण देशभर में औसत बारिश में 43 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। मध्य भारत में तो यह कमी 67 प्रतिशत तक है। पिछले साल मॉनसून तय समय से 16 दिन पहले आ गया था, लेकिन इस साल मॉनसून के देरी से पहुंचने के कारण तापमान और उमस का स्तर काफी अधिक रहा है।
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