India vs Pakistan Match: एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले को लेकर देश में विरोध की लहर तेज हो गई है। इस विरोध को और हवा मिली जब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर ने खुलकर बयान दिया कि भारत को पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच नहीं खेलना चाहिए। उन्होंने कहा, “जब हमारे लोगों का खून बहा है, तो हम उनके साथ खेलने की सोच भी कैसे सकते हैं?”
नाना पाटेकर का स्पष्ट रुख
न्यूज एजेंसी को दिए एक इंटरव्यू में नाना पाटेकर ने कहा,“सच कहूं तो मुझे लगता है कि मुझे इस पर बोलना ही नहीं चाहिए। फिर भी, मेरी निजी राय यही है कि भारत को पाकिस्तान के साथ नहीं खेलना चाहिए। जब हमारे जवानों और नागरिकों का खून बहा है, तो हम कैसे खेल सकते हैं?”नाना पाटेकर देशभक्ति और सामाजिक सरोकारों को लेकर हमेशा मुखर रहे हैं। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर बहस को और तीखा बना दिया है।
सुनील शेट्टी ने रखी संतुलित राय
इससे पहले बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी थी। हालांकि उन्होंने मैच के विरोध में कुछ नहीं कहा, पर उन्होंने कहा:“यह वर्ल्ड स्पोर्ट्स ऑर्गनाइजेशन के तहत होता है। इसमें नियम-कायदों का पालन करना होता है। एक भारतीय होने के नाते यह हर व्यक्ति की व्यक्तिगत पसंद है कि वह मैच देखना चाहता है या नहीं।” सुनील शेट्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि वे सिर्फ देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
पहलगाम हमले के बाद बढ़ा आक्रोश
एशिया कप 2025 से पहले जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में भारतीय जवानों की शहादत के बाद पूरे देश में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा है। इसके बाद कई पाकिस्तानी कलाकारों, सोशल मीडिया अकाउंट्स और अन्य डिजिटल संसाधनों पर बैन लगा दिया गया। ऐसे में भारत के पाकिस्तान के साथ मैच खेलने पर सवाल उठ रहे हैं।
BCCI और वर्ल्ड क्रिकेट की भूमिका
हालांकि बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) ने स्पष्ट किया है कि द्विपक्षीय सीरीज भारत-पाक के बीच नहीं खेली जाती, लेकिन ICC और ACC जैसे टूर्नामेंटों में दोनों देशों की टीमें आमने-सामने होती हैं। ऐसे में भारत को टूर्नामेंट नियमों का पालन करना होता है।
क्या कहता है जनता का मन?
सोशल मीडिया और जनमत में दो धड़े बन चुके हैं। एक वर्ग मानता है कि खेल और राजनीति को अलग रखना चाहिए, जबकि दूसरा मानता है कि जब तक सीमा पार से आतंक खत्म नहीं होता, तब तक कोई भी खेल, कला या व्यापारिक संबंध नहीं होने चाहिए।
नाना पाटेकर का यह बयान देश के उस वर्ग की भावनाओं को प्रतिबिंबित करता है जो राष्ट्र की सुरक्षा और सम्मान को सर्वोपरि मानता है। वहीं, सुनील शेट्टी जैसे सितारे इसे एक अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की जिम्मेदारी के रूप में देखते हैं। एशिया कप 2025 में भारत-पाकिस्तान मुकाबले से पहले यह बहस और भी तेज हो सकती है।
Read More: Chhattisgarh Politics: जशपुर में कांग्रेस के अंदरूनी कलह से उभरा विवाद, दो दिग्गज नेताओं को पार्टी ग्रुप से निकाला गया
India vs Pakistan Match: भारत-पाकिस्तान मैच पर नाना पाटेकर की दो टूक, “हमारे लोगों का खून बहा है, भारत को नहीं खेलना चाहिए”
India vs Pakistan Match: एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले को लेकर देश में विरोध की लहर तेज हो गई है। इस विरोध को और हवा मिली जब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर ने खुलकर बयान दिया कि भारत को पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच नहीं खेलना चाहिए। उन्होंने कहा, “जब हमारे लोगों का खून बहा है, तो हम उनके साथ खेलने की सोच भी कैसे सकते हैं?” नाना पाटेकर का स्पष्ट रुख न्यूज एजेंसी को दिए एक इंटरव्यू में नाना पाटेकर ने कहा,“सच कहूं तो मुझे लगता है कि मुझे इस पर बोलना ही नहीं चाहिए। फिर भी, मेरी निजी राय यही है कि भारत को पाकिस्तान के साथ नहीं खेलना चाहिए। जब हमारे जवानों और नागरिकों का खून बहा है, तो हम कैसे खेल सकते हैं?”नाना पाटेकर देशभक्ति और सामाजिक सरोकारों को लेकर हमेशा मुखर रहे हैं। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर बहस को और तीखा बना दिया है। सुनील शेट्टी ने रखी संतुलित राय इससे पहले बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी थी। हालांकि उन्होंने मैच के विरोध में कुछ नहीं कहा, पर उन्होंने कहा:“यह वर्ल्ड स्पोर्ट्स ऑर्गनाइजेशन के तहत होता है। इसमें नियम-कायदों का पालन करना होता है। एक भारतीय होने के नाते यह हर व्यक्ति की व्यक्तिगत पसंद है कि वह मैच देखना चाहता है या नहीं।” सुनील शेट्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि वे सिर्फ देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। पहलगाम हमले के बाद बढ़ा आक्रोश एशिया कप 2025 से पहले जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में भारतीय जवानों की शहादत के बाद पूरे देश में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा है। इसके बाद कई पाकिस्तानी कलाकारों, सोशल मीडिया अकाउंट्स और अन्य डिजिटल संसाधनों पर बैन लगा दिया गया। ऐसे में भारत के पाकिस्तान के साथ मैच खेलने पर सवाल उठ रहे हैं। BCCI और वर्ल्ड क्रिकेट की भूमिका हालांकि बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) ने स्पष्ट किया है कि द्विपक्षीय सीरीज भारत-पाक के बीच नहीं खेली जाती, लेकिन ICC और ACC जैसे टूर्नामेंटों में दोनों देशों की टीमें आमने-सामने होती हैं। ऐसे में भारत को टूर्नामेंट नियमों का पालन करना होता है। क्या कहता है जनता का मन? सोशल मीडिया और जनमत में दो धड़े बन चुके हैं। एक वर्ग मानता है कि खेल और राजनीति को अलग रखना चाहिए, जबकि दूसरा मानता है कि जब तक सीमा पार से आतंक खत्म नहीं होता, तब तक कोई भी खेल, कला या व्यापारिक संबंध नहीं होने चाहिए। नाना पाटेकर का यह बयान देश के उस वर्ग की भावनाओं को प्रतिबिंबित करता है जो राष्ट्र की सुरक्षा और सम्मान को सर्वोपरि मानता है। वहीं, सुनील शेट्टी जैसे सितारे इसे एक अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की जिम्मेदारी के रूप में देखते हैं। एशिया कप 2025 में भारत-पाकिस्तान मुकाबले से पहले यह बहस और भी तेज हो सकती है। Read More: Chhattisgarh Politics: जशपुर में कांग्रेस के अंदरूनी कलह से उभरा विवाद, दो दिग्गज नेताओं को पार्टी ग्रुप से निकाला गया
India vs Pakistan Match: एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले को लेकर देश में विरोध की लहर तेज हो गई है। इस विरोध को और हवा मिली जब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर ने खुलकर बयान दिया कि भारत को पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच नहीं खेलना चाहिए। उन्होंने कहा, “जब हमारे लोगों का खून बहा है, तो हम उनके साथ खेलने की सोच भी कैसे सकते हैं?”
नाना पाटेकर का स्पष्ट रुख
न्यूज एजेंसी को दिए एक इंटरव्यू में नाना पाटेकर ने कहा,“सच कहूं तो मुझे लगता है कि मुझे इस पर बोलना ही नहीं चाहिए। फिर भी, मेरी निजी राय यही है कि भारत को पाकिस्तान के साथ नहीं खेलना चाहिए। जब हमारे जवानों और नागरिकों का खून बहा है, तो हम कैसे खेल सकते हैं?”नाना पाटेकर देशभक्ति और सामाजिक सरोकारों को लेकर हमेशा मुखर रहे हैं। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर बहस को और तीखा बना दिया है।
सुनील शेट्टी ने रखी संतुलित राय
इससे पहले बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी थी। हालांकि उन्होंने मैच के विरोध में कुछ नहीं कहा, पर उन्होंने कहा:“यह वर्ल्ड स्पोर्ट्स ऑर्गनाइजेशन के तहत होता है। इसमें नियम-कायदों का पालन करना होता है। एक भारतीय होने के नाते यह हर व्यक्ति की व्यक्तिगत पसंद है कि वह मैच देखना चाहता है या नहीं।” सुनील शेट्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि वे सिर्फ देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
पहलगाम हमले के बाद बढ़ा आक्रोश
एशिया कप 2025 से पहले जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में भारतीय जवानों की शहादत के बाद पूरे देश में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा है। इसके बाद कई पाकिस्तानी कलाकारों, सोशल मीडिया अकाउंट्स और अन्य डिजिटल संसाधनों पर बैन लगा दिया गया। ऐसे में भारत के पाकिस्तान के साथ मैच खेलने पर सवाल उठ रहे हैं।
BCCI और वर्ल्ड क्रिकेट की भूमिका
हालांकि बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) ने स्पष्ट किया है कि द्विपक्षीय सीरीज भारत-पाक के बीच नहीं खेली जाती, लेकिन ICC और ACC जैसे टूर्नामेंटों में दोनों देशों की टीमें आमने-सामने होती हैं। ऐसे में भारत को टूर्नामेंट नियमों का पालन करना होता है।
क्या कहता है जनता का मन?
सोशल मीडिया और जनमत में दो धड़े बन चुके हैं। एक वर्ग मानता है कि खेल और राजनीति को अलग रखना चाहिए, जबकि दूसरा मानता है कि जब तक सीमा पार से आतंक खत्म नहीं होता, तब तक कोई भी खेल, कला या व्यापारिक संबंध नहीं होने चाहिए।
नाना पाटेकर का यह बयान देश के उस वर्ग की भावनाओं को प्रतिबिंबित करता है जो राष्ट्र की सुरक्षा और सम्मान को सर्वोपरि मानता है। वहीं, सुनील शेट्टी जैसे सितारे इसे एक अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की जिम्मेदारी के रूप में देखते हैं। एशिया कप 2025 में भारत-पाकिस्तान मुकाबले से पहले यह बहस और भी तेज हो सकती है।
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