Narayanpur murder suicide
Narayanpur murder suicide: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक पति ने अपनी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी और फिर खुद भी मौत को गले लगाने की कोशिश की। यह मामला नारायणपुर से सटे गढ़ बेंगाल गांव का है। मृतक महिला की पहचान सुमित्रा मंडावी के रूप में हुई है, जबकि उसके पति तिलक राम मंडावी का गंभीर हालत में इलाज चल रहा है। शुरुआती दौर में इसे केवल एक घरेलू विवाद माना जा रहा था, लेकिन पुलिस को घटनास्थल से मिले एक सुसाइड नोट ने पूरी कहानी बदल दी है। इस पत्र में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिससे अब इस मामले में वित्तीय प्रताड़ना का एंगल सामने आया है।
तिलक राम मंडावी अपनी पत्नी सुमित्रा के साथ मिलकर गांव में ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) संचालित करता था। सुमित्रा के नाम पर बैंक की आधिकारिक आईडी बनी हुई थी, जिसके जरिए वे बैंकिंग सुविधाएं लोगों तक पहुँचाते थे। पुलिस को बरामद हुए पत्र में सुमित्रा ने आरोप लगाया है कि बैंक कर्मचारियों ने ग्राहकों के खातों के साथ हेरफेर किया और उसका दोष उन पर मढ़ दिया। पत्र में संजीवनी विकास फाउंडेशन को संबोधित करते हुए लिखा गया है कि ग्राहकों का ‘KYC’ और ‘CRM’ बैंक कर्मियों द्वारा किया गया था, क्योंकि सुमित्रा की आईडी में इसकी अनुमति ही नहीं थी। बैंक कर्मचारी लगातार उन पर दबाव बना रहे थे और पैसे जमा करने की धमकियां दे रहे थे।
घटनाक्रम 13 जनवरी का है, जब तिलक और सुमित्रा अपने घर में अकेले थे। दोपहर के वक्त अचानक सुमित्रा खून से लथपथ हालत में कमरे से बाहर निकली। उसके गले पर धारदार हथियार से गहरा घाव था। परिजनों ने जब कमरे के भीतर जाकर देखा तो वहां का नजारा भयावह था; तिलक पंखे से लटका हुआ छटपटा रहा था। परिजनों ने आनन-फानन में तिलक को नीचे उतारा और दोनों को नारायणपुर जिला अस्पताल ले गए। जिला अस्पताल के डॉक्टर हिमांशु सिन्हा के अनुसार, सुमित्रा की गले की नस पूरी तरह कट चुकी थी और अत्यधिक खून बह जाने के कारण उसकी हालत नाजुक थी। बेहतर उपचार के लिए दोनों को रायपुर एम्स (AIIMS) रेफर कर दिया गया।
रायपुर में इलाज के दौरान 17 जनवरी को सुमित्रा ने दम तोड़ दिया। मौत के बाद पुलिस की जांच तेज हुई और कमरे से मिले लेटर ने सनसनी मचा दी। पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि तिलक राम ने बैंक के दबाव में आकर अलग-अलग खातों में 1 लाख 37 हजार रुपये जमा किए थे। इतना ही नहीं, पीएनबी कर्मचारी अमित कुमार साहू को 30 हजार रुपये नकद और फोन-पे के माध्यम से अमित के किसी परिजन को 20 हजार रुपये भेजे गए थे। तिलक के पिता मंगतू राम मंडावी ने भी पुष्टि की है कि उनके बेटे और बहू बैंक कर्मियों की मानसिक प्रताड़ना से बेहद परेशान थे, जिसके कारण उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया।
वर्तमान में तिलक राम मंडावी अस्पताल में बेसुध है और उसकी हालत स्थिर होने का इंतजार किया जा रहा है ताकि उसका बयान दर्ज किया जा सके। नारायणपुर पुलिस ने सुसाइड नोट में नामजद बैंक कर्मियों और घटना से जुड़े साक्ष्यों को कब्जे में ले लिया है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि बैंक के भीतर किस स्तर पर वित्तीय अनियमितताएं हुईं और किन परिस्थितियों ने एक हंसते-खेलते परिवार को इस मोड़ पर खड़ा कर दिया। ग्रामीणों और परिजनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है, ताकि सुमित्रा को न्याय मिल सके।
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