Narayanpur Naxal News
Narayanpur Naxal News: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले से सोमवार को सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी राहत और सफलता की खबर सामने आई है। एक गहन तलाशी अभियान (Search Operation) के दौरान, सुरक्षा बलों ने नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियारों और रसद के एक बड़े भंडार यानी ‘नक्सल डंप’ को बरामद किया है। कोहकामेटा थाना क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई में न केवल घातक हथियार और विस्फोटक मिले हैं, बल्कि बड़ी मात्रा में दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों की खेप भी बरामद की गई है। यह बरामदगी नक्सलियों की रसद श्रृंखला को तोड़ने की दिशा में एक बड़ा प्रहार मानी जा रही है।
यह महत्वपूर्ण सफलता डीआरजी (DRG) और आईटीबीपी (ITBP) की संयुक्त टीम के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में नारायणपुर पुलिस वर्तमान में नक्सल मुक्त और उन्नत बस्तर की परिकल्पना को साकार करने के लिए “माड़ बचाओ” अभियान चला रही है। इसी अभियान के अंतिम चरण के तहत, सुरक्षा बलों को मन्दोड़ा नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप के आसपास के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में नक्सलियों की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके बाद, संयुक्त टीम ने इन ऊबड़-खाबड़ इलाकों में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया, जिससे नक्सलियों द्वारा जमीन के नीचे और गुफाओं में छिपाया गया सामान बरामद हो सका।
सुरक्षा बलों द्वारा बरामद किए गए नक्सल डंप में हथियारों और गोला-बारूद का जखीरा शामिल है। मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने 94 बड़े तीर बम, 70 छोटे तीर बम और 3 भरमार बंदूकें जब्त की हैं। इनके अलावा लोहे के पाइप, सिरिंज, पट्टियां, ग्लूकोज, इंजेक्शन और विभिन्न प्रकार की दर्द निवारक व जीवन रक्षक दवाइयां भी मिली हैं। इन सामग्रियों का उपयोग नक्सली अक्सर सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला करने या मुठभेड़ के दौरान घायल साथियों का उपचार करने के लिए करते थे। इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक और दवाइयों का मिलना यह दर्शाता है कि नक्सली क्षेत्र में किसी बड़ी साजिश की तैयारी में थे।
नारायणपुर पुलिस के मुताबिक, इस सफलता के पीछे सबसे बड़ा कारण पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों के बीच बढ़ता विश्वास है। लंबे समय से पुलिस प्रशासन ग्रामीणों से निरंतर संवाद स्थापित कर रहा है और उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ रहा है। इसी विश्वास का नतीजा है कि अब ग्रामीण स्वयं आगे आकर नक्सली गतिविधियों, समर्थकों और उनके डंप के बारे में सटीक जानकारी पुलिस को दे रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा दी गई खुफिया सूचनाओं ने ही सुरक्षा बलों को सटीक स्थान तक पहुँचने और नक्सलियों के इस गुप्त ठिकाने को ध्वस्त करने में मदद की।
बस्तर संभाग में पुलिस और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से विकास की नई किरण दिखाई दे रही है। ‘नियद नेल्लानार’ योजना के अंतर्गत पुलिस कैंपों के आसपास के गांवों को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। इन दूरस्थ क्षेत्रों में अब बिजली, साफ पेयजल, पक्की सड़कें, स्कूल, आंगनबाड़ी, राशन दुकानें और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुँचाई जा रही हैं। जब लोगों को शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाएं मिलने लगी हैं, तो उनका झुकाव हिंसा की राह छोड़ चुके प्रशासन की ओर बढ़ रहा है। बस्तर का यह बदलता स्वरूप नक्सलियों के पैर उखाड़ने में सबसे प्रभावी हथियार साबित हो रहा है।
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