Odisha Politics : ओडिशा की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बार विवाद का केंद्र राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक बन गए हैं। गंजाम जिले के हिंजिली विधानसभा क्षेत्र में उनके कथित गुमशुदा होने के पोस्टर लगाए जाने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। पोस्टर सामने आने के बाद सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी बीजू जनता दल (BJD) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है। इस घटना ने राज्य की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।
हिंजिली में कहां और कैसे लगाए गए गुमशुदा पोस्टर?
मिली जानकारी के अनुसार, गंजाम जिले के हिंजिली इलाके में पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नाम और तस्वीर वाले पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों में उन्हें गुमशुदा बताया गया है। पोस्टर सामने आते ही स्थानीय स्तर पर चर्चाएं शुरू हो गईं और देखते ही देखते यह मामला राजनीतिक विवाद में बदल गया। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इन पोस्टरों को किसने लगाया है। किसी राजनीतिक दल, संगठन या व्यक्ति ने सार्वजनिक रूप से इसकी जिम्मेदारी भी नहीं ली है। इसलिए पोस्टर लगाने के पीछे वास्तविक मंशा को लेकर स्थिति साफ नहीं है।

हिंजिली विधानसभा सीट से विधायक हैं नवीन पटनायक
इस पूरे विवाद का संबंध नवीन पटनायक की विधानसभा सीट हिंजिली से भी जोड़ा जा रहा है। दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री इसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में उनके गुमशुदा होने के पोस्टर लगाए जाने को लेकर राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। माना जा रहा है कि पोस्टर के जरिए उनके क्षेत्र में सक्रियता और उपलब्धता पर सवाल उठाने की कोशिश की गई है। हालांकि, इस दावे की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

चक्रवात और बाढ़ के बाद गैरमौजूदगी पर उठे सवाल
पोस्टर विवाद के पीछे एक संभावित वजह हालिया चक्रवात के बाद पैदा हुए हालात को माना जा रहा है। चक्रवात और बाढ़ के कारण गंजाम जिले के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ था। ऐसे समय में हिंजिली क्षेत्र में नवीन पटनायक की कथित गैरमौजूदगी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। चर्चा है कि पोस्टर लगाने वालों ने इसी मुद्दे को आधार बनाकर पूर्व मुख्यमंत्री पर निशाना साधा होगा। हालांकि, पोस्टर लगाने वाले लोगों की पहचान नहीं होने के कारण इस संबंध में कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
बीजेपी और बीजेडी के बीच तेज हुई बयानबाजी
नवीन पटनायक के गुमशुदा पोस्टर सामने आने के बाद बीजेपी और बीजेडी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सत्ताधारी बीजेपी की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री की क्षेत्र में मौजूदगी और उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं, बीजेडी अपने प्रमुख नेता के बचाव में सामने आई है। पार्टी की ओर से उनके राजनीतिक और प्रशासनिक योगदान को लेकर जवाब दिया जा रहा है।

आखिर किसने लगाया नवीन पटनायक का पोस्टर?
फिलहाल इस पूरे विवाद में सबसे बड़ा सवाल यही है कि नवीन पटनायक के गुमशुदा पोस्टर किसने लगाए और इसके पीछे किसका हाथ है। क्या यह चक्रवात के बाद उनकी कथित गैरमौजूदगी पर राजनीतिक हमला है या इसके पीछे कोई दूसरी वजह है? इन सवालों के जवाब अभी सामने नहीं आए हैं। लेकिन इतना तय है कि हिंजिली में लगे इन पोस्टरों ने ओडिशा की राजनीति में बीजेपी और बीजेडी के बीच नई सियासी बहस को जन्म दे दिया है।

