Navratri Kalash Sthapana Significance: घटस्थापना में मिट्टी के कलश का महत्व और उपयोग का सही कारण

Navratri Kalash Sthapana Significance: शारदीय नवरात्रि 2025 की शुरुआत इस वर्ष 22 सितंबर, सोमवार से हो रही है। यह पर्व मां दुर्गा की आराधना और आत्मशुद्धि का पावन अवसर होता है। नवरात्रि का पहला दिन घटस्थापना (Kalash Sthapana) से शुरू होता है, जो देवी पूजा का मूल आधार माना जाता है। घटस्थापना में विशेष रूप से मिट्टी के कलश का प्रयोग किया जाता है, जिसे न केवल धार्मिक, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है।

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मिट्टी के कलश का उपयोग क्यों जरूरी है?

1. पृथ्वी तत्व का प्रतीक

मिट्टी को पृथ्वी तत्व का प्रतिनिधित्व माना जाता है। हमारे शरीर और सृष्टि की रचना पंचमहाभूतों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश) से हुई है। मिट्टी के कलश का प्रयोग कर हम प्रकृति के इस मूल तत्व को सम्मान देते हैं, जिससे संतुलन और स्थिरता का प्रतीक घटस्थापना बनती है।

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2. पवित्रता और शुद्धता का प्रतीक

मिट्टी स्वाभाविक रूप से शुद्ध और रसायन रहित होती है। जब इसमें जल, जौ और पवित्र सामग्री रखी जाती है, तो यह सभी वस्तुएं सात्विक ऊर्जा से भर जाती हैं। पूजा के दौरान यह कलश एक शुद्ध आध्यात्मिक वातावरण निर्मित करता है।

3. सकारात्मक ऊर्जा का संचार

ऐसा माना जाता है कि मिट्टी की बनी वस्तुएं नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं। मिट्टी का कलश घर में रखे जाने पर वहां शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक ऊर्जा का वास होता है।

4. सांस्कृतिक और पारंपरिक महत्व

भारत की प्राचीन परंपराओं में मिट्टी के बर्तनों का उपयोग पूजा-पाठ और अनुष्ठानों में अनिवार्य रहा है। यह हमारी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। मिट्टी के कलश का उपयोग कर हम अपने संस्कारों और संस्कृति से जुड़ाव को मजबूत करते हैं।

घटस्थापना की विधि (Step-by-step)

  1. पूजा स्थल को शुद्ध करें और लाल कपड़ा बिछाएं।

  2. मिट्टी के पात्र में मिट्टी भरें और उसमें जौ के बीज बोएं। थोड़े जल का छिड़काव करें।

  3. अब मिट्टी के कलश में गंगाजल या शुद्ध जल भरें।

  4. कलश में सुपारी, हल्दी, सिक्के और अक्षत डालें।

  5. कलश के गले में मौली बांधें।

  6. मुख पर आम के पत्ते सजाएं और ऊपर नारियल स्थापित करें।

  7. इस कलश को जौ वाले पात्र के ऊपर रखें और देवी का आह्वान करें।

घटस्थापना का महत्व

  • नवरात्रि की पूजा का पहला और सबसे महत्वपूर्ण चरण घटस्थापना है।

  • यह देवी शक्ति को घर आमंत्रित करने का प्रतीक है।

  • कलश को ब्रह्मांड का प्रतीक माना जाता है जिसमें जल, अनाज और जीवन के मूल तत्व होते हैं।

  • यह रचना, शक्ति और जीवन ऊर्जा का प्रतीक बन जाता है।

घटस्थापना में मिट्टी के कलश का प्रयोग केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और ऊर्जा संतुलन का सामंजस्य है। यह हमें हमारी जड़ों से जोड़ता है और पूजा को अधिक प्रभावशाली बनाता है। इस शारदीय नवरात्रि 2025 में, सही विधि और समझ के साथ मिट्टी का कलश स्थापित कर मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करें।

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