छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में बौखलाए नक्सली , जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा जल्द बढ़ाई जाएगी…

@TheTarget365 : छत्तीसगढ़ के वीआईपी और वीवीआई के साथ-साथ संवेदनशील नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। राज्य पुलिस अधिकारी इस कवायद में व्यस्त हैं। वर्तमान में, सुरक्षा समीक्षा की तैयारी चल रही है। इसकी शीघ्र ही राज्य पुलिस एवं सुरक्षा समीक्षा समिति द्वारा समीक्षा की जाएगी। इसके लिए सभी जिलों से जानकारी एकत्रित की जा रही है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा बढ़ाने के मुद्दे पर विचार किया जाएगा।

बताया जा रहा है कि ऑपरेशन के चलते नक्सलियों के खौफ को देखते हुए जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। सुरक्षा समीक्षा समिति और खुफिया अधिकारियों का कहना है कि मुठभेड़ में मारे जाने या पकड़े जाने के डर से नक्सली लगातार आत्मसमर्पण कर रहे हैं। वहीं, बचे हुए कुछ नक्सली अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित इलाकों में छिप गए हैं। आपको बता दें कि राज्य के 350 जनप्रतिनिधियों को सुरक्षा मुहैया कराई गई है।

राज्य के निर्वाचित सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों एवं अन्य महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधियों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षा प्रदान की जाएगी। गृह विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मंत्रियों और विधायकों को आवश्यकतानुसार सुरक्षा दी जाएगी। मंत्रियों, विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए 1 से 4 पीएसओ एवं राज्य पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। साथ ही श्रेणी के अनुसार श्रेणी जेड, श्रेणी वाई और श्रेणी एक्स के लिए मापदंड निर्धारित कर सुरक्षा प्रदान की गई है।नक्सली संगठनों के शीर्ष नेताओं के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद जनप्रतिनिधियों को निशाना बनाया जा सकता है। विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि प्रभावित हो सकते हैं। इस संभावित खतरे को देखते हुए, वीआईपी बटालियन के सैनिकों को आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।

आपको बता दें कि 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान बस्तर में बढ़ते नक्सली विद्रोह को देखते हुए राज्य में 43 भाजपा नेताओं को सुरक्षा मुहैया कराई गई थी। उनकी सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ के जवान तैनात किये गये थे। इसके बाद, राज्य पुलिस ने निर्वाचित विधायकों और अन्य लोगों को आवश्यकतानुसार सुरक्षा प्रदान की।जन प्रतिनिधियों को प्रदान की गई सुरक्षा की समय-समय पर सुरक्षा समीक्षा समिति द्वारा समीक्षा की जाती है। इसके लिए फील्ड में तैनात अधिकारियों से प्राप्त जानकारी, खुफिया रिपोर्ट और स्व-आवेदन के आधार पर अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान की जाती है। – अमित कुमार, एडीजी इंटेलिजेंस

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