Kanker Naxal Wedding: हिंसा, खून-खराबा और बंदूक की दुनिया छोड़ चुके दो पूर्व नक्सलियों की शादी की तस्वीरें इस समय सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। यह तस्वीरें न केवल दिल को छूने वाली हैं, बल्कि एक बड़ा सामाजिक संदेश भी देती हैं कि बदहाल रास्तों से लौटकर भी नई शुरुआत की जा सकती है। कांकेर जिले के पखांजुर थाना परिसर में शादी के बंधन में बंधे इन दो युवाओं की कहानी उम्मीद, प्रेम और पुनर्वास की मिसाल बन चुकी है।

जंगल से अग्नि के सात फेरों तक
पखांजुर थाना क्षेत्र में रविवार को एक अद्भुत विवाह समारोह आयोजित हुआ, जिसमें दो पूर्व नक्सलियों ने वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह किया। दूल्हा सागर हिरदो और दुल्हन सचिला मांडवी — दोनों कभी नक्सली संगठन का हिस्सा थे, लेकिन अब वे समाज की मुख्यधारा में लौट चुके हैं। शादी समारोह में थाना प्रभारी, पुलिस अधिकारी और स्थानीय लोग गवाह बने।

थाने में गूंजे वैदिक मंत्र, नहीं थी कोई लाल सलामी
इस विवाह को खास बनाने वाला पहलू यह था कि जहां कभी पुलिस थानों से दूर भागते थे, वहीं आज उन्हीं दीवारों के बीच शादी की रस्में निभाईं। सजी-धजी मंडप में बैठे सागर और सचिला ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए और जीवनभर साथ निभाने का वादा किया।
आत्मसमर्पण से नई जिंदगी की ओर
जानकारी के अनुसार, सागर हिरदो ने वर्ष 2014 में नक्सल संगठन से जुड़ने के बाद कई वर्षों तक गतिविधियों में हिस्सा लिया, लेकिन दिसंबर 2024 में उन्होंने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। वहीं, सचिला मांडवी ने 2020 में संगठन से जुड़ाव किया और 2024 में उन्होंने भी हथियार छोड़ दिए। दोनों आत्मसमर्पण के बाद पुलिस बल का हिस्सा बने, जहां एक-दूसरे से जान-पहचान हुई और फिर शादी का फैसला लिया।
पुनर्वास नीति ने दिखाई राह
छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति और पुलिस विभाग की संवेदनशील पहल का ही परिणाम है कि आज ये दोनों युवा एक सामान्य और गरिमामयी जीवन की ओर बढ़ रहे हैं। विवाह समारोह में पखांजुर थाना प्रभारी लक्ष्मण केवट व अन्य अधिकारियों ने विशेष भूमिका निभाई और नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया।पूर्व नक्सलियों की यह शादी समाज को शांति, विश्वास, सम्मान और पुनर्वास का स्पष्ट संदेश देती है। यह साबित करता है कि हिंसा का रास्ता छोड़कर भी जीवन को सवांरा जा सकता है और जो भटके हुए हैं, उनके लिए भी समाज में स्थान है — बस उन्हें एक मौका और एक दिशा चाहिए।
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