NCERT 2025 Syllabus
NCERT 2025 Syllabus: साल 2025 अब अपने अंतिम चरण में है और जल्द ही नया शैक्षणिक सत्र 2026 शुरू होने वाला है। ऐसे में देशभर के करोड़ों स्कूली छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए यह जानना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने इस वर्ष स्कूलों की किताबों और सिलेबस में कौन-कौन से बड़े और महत्वपूर्ण परिवर्तन किए हैं।
दरअसल, नई शिक्षा नीति (NEP 2020) लागू होने के बाद भारत की शिक्षा व्यवस्था में तेजी से परिवर्तन हो रहा है। अब पढ़ाई सिर्फ सैद्धांतिक किताबों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बच्चों को व्यावहारिक ज्ञान, सर्वांगीण विकास, स्थानीय संस्कृति, इतिहास और रोजगार से जुड़ी शिक्षा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
NCERT का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र केवल रटने वाली पढ़ाई न करें, बल्कि सोचने, समझने, आलोचनात्मक विश्लेषण करने और जीवन में काम आने वाली चीजें सीखें। इसी कारण, पूरे पाठ्यक्रम को छात्रों के लिए आसान, रोचक और उपयोगी बनाने के लिए कई पुराने अध्यायों को हटाया गया है और कई नए, उपयोगी एवं आधुनिक विषय जोड़े गए हैं।
NCERT ने साल 2025 की शुरुआत में इतिहास की किताबों में कई आवश्यक और नीतिगत बदलाव किए हैं। इन बदलावों का मुख्य जोर भारतीय इतिहास को उसके समग्र परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करने पर है:
मुगल काल और दिल्ली सल्तनत: दिल्ली सल्तनत और मुगल काल से जुड़े कई अध्यायों को या तो हटा दिया गया है या फिर छोटा करके नया रूप दिया गया है।
प्राचीन भारत और आदिवासी योगदान पर जोर: अब इतिहास की किताबों में ज्यादा जोर प्राचीन भारत के इतिहास, आदिवासी और जनजातीय समुदायों के योगदान (जिन्हें अक्सर मुख्यधारा के इतिहास में नजरअंदाज किया गया) पर दिया जा रहा है।
विज्ञान और संस्कृति पर फोकस: भारतीय वैज्ञानिकों और उनके कार्यों, साथ ही भारतीय संस्कृति और सभ्यता के गौरवशाली पक्षों पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है।
‘इतिहास का अंधकारमय काल’: इतिहास को बेहतर ढंग से समझाने के लिए एक नया भाग जोड़ा गया है, जिसे इतिहास का अंधकारमय काल (Dark Ages of History) कहा गया है। यह खंड छात्रों को इतिहास के जटिल और कम ज्ञात पहलुओं से परिचित कराएगा।
शैक्षणिक सत्र 2025–26 से कक्षा 4, 5, 7 और 8 की नई किताबें जारी की गई हैं। इन नई पाठ्यपुस्तकों में:
भाषा और विषयवस्तु: भाषा को पहले से ज्यादा सरल और रोचक बनाया गया है।
आधुनिक विषयवस्तु: पुराने कंटेंट की जगह नया और आधुनिक विषयवस्तु जोड़ा गया है।
किताबों के नाम परिवर्तन: छात्रों को एक नया अनुभव देने के लिए कई किताबों के नाम भी बदल दिए गए हैं।
नई शिक्षा नीति का एक प्रमुख स्तम्भ स्किल आधारित (Vocational) शिक्षा है, जिसे अब कक्षा 6 से ही शुरू किया जा रहा है। इस पहल का अर्थ है कि:
व्यावहारिक प्रशिक्षण: छात्र अब सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं लेंगे, बल्कि काम करना, प्रोजेक्ट बनाना, और हुनर सीखना भी सीखेंगे।
रोजगार से जुड़ाव: पढ़ाई को सीधे रोजगार और जीवन की आवश्यकताओं से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाना, काम करने की आदत डालना और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना है।
स्वदेशी मॉड्यूल: ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की सोच को बढ़ावा देने के लिए NCERT ने किताबों में एक स्वदेशी मॉड्यूल भी जोड़ा है, जो स्थानीय उत्पादों, कलाओं और ज्ञान को प्रोत्साहित करेगा।
ब्रिज कोर्स और अपडेट: नए और पुराने सिलेबस के बीच अंतर को कम करने के लिए NCERT ने ब्रिज कोर्स शुरू किए हैं। इसके अलावा, कक्षा 3 से 12 तक के छात्रों के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर दो विशेष मॉड्यूल भी शुरू किए गए हैं।
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