Bihar Elections 2025: बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के अंदर सीट बंटवारे को लेकर घमासान मच गया है। जेडीयू प्रमुख और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सीट बंटवारे से बेहद नाराज बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, जेडीयू की सिटिंग सीट राजगीर को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को दिए जाने से नीतीश कुमार काफी नाराज हैं। उन्होंने कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा को तगड़ी फटकार लगाई है।

क्यों नाराज हैं नीतीश कुमार?
राजगीर सीट जेडीयू की परंपरागत सीट रही है, जिस पर पार्टी ने 2020 के चुनाव में जीत हासिल की थी। ऐसे में इसे एलजेपी (रामविलास) को देना नीतीश कुमार को रास नहीं आया। उन्होंने साफ कर दिया है कि राजगीर सीट पर किसी भी हाल में जेडीयू ही चुनाव लड़ेगी। यही नहीं, मोरवा और तारापुर सीटों को लेकर भी विवाद गहराया है। मोरवा सीट पिछली बार जेडीयू हार गई थी, जबकि तारापुर से वह 2020 और उपचुनाव दोनों में जीत चुकी है। इन दोनों सीटों पर भी एलजेपी दावा ठोक रही है।

NDA में बढ़ता गतिरोध
राजगीर सीट को लेकर जारी इस तनातनी का असर एनडीए की एकजुटता पर भी पड़ता दिख रहा है। आज होने वाली संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को अचानक रद्द कर दिया गया, जिससे अटकलों को और बल मिला है कि एनडीए में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। वहीं हम प्रमुख जीतनराम मांझी ने भी सीट बंटवारे पर नाराजगी जाहिर की है, हालांकि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन जारी रखने की बात कही।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
दिल्ली से लौटे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने पटना एयरपोर्ट पर बयान देते हुए कहा कि महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर कोई समस्या नहीं है। तेजस्वी ने कहा, “14 नवंबर के बाद बिहार एक नई दिशा में आगे बढ़ेगा और सबको सब कुछ मिलेगा।”
बिहार एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर जारी खींचतान ने चुनावी रणनीति पर असर डालना शुरू कर दिया है। नीतीश कुमार की नाराजगी और चिराग पासवान की जिद ने गठबंधन के भीतर तनाव को और बढ़ा दिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में अगर समझौता नहीं हुआ, तो यह चुनावी समीकरणों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
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