NEET Success Story: मेहनत, धैर्य और लगातार प्रयास के दम पर बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। कबीरधाम जिले के नेउर गांव की तीन सगी बहनों ने NEET 2026 परीक्षा में एक साथ सफलता हासिल कर इस बात को साबित कर दिया है। किरण, ज्योति और सुमन महोबिया की उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरा गांव और जिला गौरवान्वित है। तीनों की सफलता की खबर मिलते ही उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया।

डिप्टी सीएम विजय शर्मा पहुंचे छात्राओं के घर
तीनों बहनों की शानदार उपलब्धि की जानकारी मिलने के बाद छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा खुद उनके घर पहुंचे और छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर इस सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। डिप्टी सीएम ने तीनों बहनों से उनकी पढ़ाई, NEET की तैयारी और आगे की काउंसलिंग प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी ली।

एक ही घर से तीन बेटियों ने पास की NEET
भगवती महोबिया और राम महोबिया की तीनों बेटियां किरण, ज्योति और सुमन ने NEET 2026 की परीक्षा दी थी और तीनों ने सफलता हासिल की। एक ही परिवार की तीन बेटियों का एक साथ मेडिकल प्रवेश परीक्षा पास करना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि बेटियों की यह उपलब्धि पूरे गांव के लिए गर्व की बात है और इससे दूसरी छात्राओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
सीमित संसाधनों में घर से की तैयारी
तीनों बहनों की सफलता की खास बात यह है कि उन्होंने घर पर रहकर ऑनलाइन कोचिंग के जरिए NEET की तैयारी की। पढ़ाई के दौरान तीनों ने एक-दूसरे का सहयोग किया और नियमित रूप से अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा। परिवार के मुताबिक, घर का माहौल भी पढ़ाई के अनुकूल रहा, जिससे बहनों को अपनी तैयारी लगातार जारी रखने में मदद मिली।
ज्योति और सुमन ने पहले प्रयास में मारी बाजी
परिवार के अनुसार, छोटी बहनों ज्योति और सुमन ने अपने पहले ही प्रयास में NEET परीक्षा उत्तीर्ण की है। दोनों ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, बोड़ला से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। वहीं बड़ी बहन किरण ने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की। उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर, पांडातराई से अपनी स्कूल की पढ़ाई पूरी की थी।

डिप्टी सीएम ने मेहनत को बताया प्रेरणादायक
विजय शर्मा ने तीनों बहनों की उपलब्धि को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि एक ही घर में रहकर तीन बहनों का NEET जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी करना और सफल होना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि नियमित मेहनत, सही दिशा और दृढ़ संकल्प के जरिए विद्यार्थी बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।
गांव के विद्यार्थियों के लिए बनी मिसाल
तीनों बहनों की सफलता उन विद्यार्थियों के लिए खास संदेश है, जो गांवों में रहकर सीमित संसाधनों के बीच प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। इस उपलब्धि से यह साबित होता है कि सफलता के लिए केवल बड़े शहर या महंगी सुविधाएं ही जरूरी नहीं हैं। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और तैयारी के प्रति निरंतरता बनी रहे, तो गांव से भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं।
मेडिकल कॉलेज में दाखिले की तैयारी
उपमुख्यमंत्री ने छात्राओं से आगे की पढ़ाई और मेडिकल कॉलेज में प्रवेश से जुड़ी काउंसलिंग के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने तीनों को सलाह दी कि मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिलने के बाद भी इसी तरह पूरी लगन और मेहनत से पढ़ाई जारी रखें। उन्होंने छात्राओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और परिवार के सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया।
डॉक्टर बनकर समाज सेवा का संदेश
विजय शर्मा ने कहा कि डॉक्टर बनने के बाद केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज और अपने क्षेत्र के प्रति जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि शिक्षा पूरी करने के बाद अच्छे संस्थानों और अस्पतालों में काम करके अनुभव हासिल करें और जरूरतमंद लोगों की सेवा में अपनी शिक्षा और विशेषज्ञता का उपयोग करें।
तीनों बहनों की सफलता बनी प्रेरणा
किरण, ज्योति और सुमन की संयुक्त सफलता ने महोबिया परिवार के साथ पूरे नेउर गांव का मान बढ़ाया है। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि परिवार का सहयोग, आपसी हौसला और लगातार मेहनत किसी भी कठिन परीक्षा को पार करने में मदद कर सकते हैं। तीनों बहनों की उपलब्धि अब कबीरधाम के उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है, जो मेडिकल क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने का सपना देख रहे हैं।












