Palestine State : फिलिस्तीन को संप्रभु राष्ट्र के रूप में मान्यता देने के पश्चिमी देशों के फैसले पर इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि “इज़राइल को इस तरह रोका नहीं जा सकता।” हाल ही में ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने आधिकारिक तौर पर फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राज्य के रूप में मान्यता दी है। इसके बाद फ्रांस और बेल्जियम जैसे देश भी इसी राह पर बढ़ चुके हैं।

नेतन्याहू का कड़ा संदेश
बुधवार को बेंजामिन नेतन्याहू ने एक प्रेस बयान में कहा,“कई पश्चिमी देशों ने फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राज्य के रूप में मान्यता दी है, लेकिन इससे इज़राइल की सुरक्षा और उसके लक्ष्य नहीं रुकेंगे।”इसके तुरंत बाद नेतन्याहू के कार्यालय की ओर से एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक संदेश जारी किया गया जिसमें लिखा था, “एक फिलिस्तीनी राज्य कभी नहीं बनेगा।” नेतन्याहू ने इस कदम को आतंकवादियों के लिए इनाम करार देते हुए ब्रिटेन और कनाडा की आलोचना की।

64,000 से अधिक मौतें, फिर भी समर्थन फिलिस्तीन के पक्ष में
इज़राइल और हमास के बीच जारी युद्ध में गाजा पर इज़राइली हमलों ने भारी तबाही मचाई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक 64,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, लाखों लोग बेघर हो गए हैं और हजारों भूख और बीमारी से जूझ रहे हैं।हालांकि, हमास अभी भी कुछ इज़राइली बंधकों को पकड़े हुए है, लेकिन उसका असर गाजा में हुई तबाही के मुकाबले काफी कम है।
वैश्विक स्तर पर फिलिस्तीन को मिल रहा समर्थन
इन भीषण हालातों के बीच दुनिया के कई देश फिलिस्तीन के समर्थन में आगे आए हैं। संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों में से 145 देश, जिनमें भारत भी शामिल है, पहले ही फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र के रूप में मान्यता दे चुके हैं।पश्चिमी देशों का यह निर्णय इज़राइल को असहज कर रहा है, खासकर ऐसे समय में जब गाजा में इज़राइली कार्रवाइयों पर वैश्विक आलोचना तेज हो रही है।
इज़राइल की चिंता और कूटनीतिक दबाव
नेतन्याहू की चिंता केवल फिलिस्तीन को मान्यता देने तक सीमित नहीं है। इस कदम से इज़राइल के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है। कई मानवाधिकार संगठनों और देशों ने गाजा में नागरिकों की मौत को लेकर इज़राइली सेना की आलोचना की है।
अब जब ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस जैसे मजबूत देशों ने भी फिलिस्तीन को मान्यता दे दी है, तो इज़राइल की वैश्विक छवि को झटका लग सकता है।
इज़राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू की तीखी प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि फिलिस्तीन को मिल रही वैश्विक मान्यता को वे एक गंभीर कूटनीतिक चुनौती मानते हैं। फिलिस्तीन की राज्य मान्यता के इस मुद्दे ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस को जन्म दिया है – जहां एक ओर मानवीय आधार पर फिलिस्तीन को समर्थन मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर इज़राइल इसे अपनी सुरक्षा के लिए खतरा बता रहा है।











