Nitin Nabin Fake News
Nitin Nabin Fake News: छत्तीसगढ़ की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब सोशल मीडिया पर भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और सरकार के खिलाफ एक कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने लगा। इस वीडियो में भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पर 1,500 करोड़ रुपये की उगाही करने के संगीन लेकिन निराधार आरोप लगाए गए हैं। भाजपा ने इसे अपनी सरकार और संगठन की छवि धूमिल करने की एक गहरी राजनीतिक साजिश करार दिया है। इस मामले में रायपुर पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए एफआईआर (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इन भ्रामक पोस्टों और वीडियो पर कड़ी आपत्ति जताते हुए रायपुर उत्तर से भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने रायपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) के पास एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। मिश्रा ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर जो कैंपेन चलाया जा रहा है, वह पूरी तरह से प्रायोजित और सत्यता से कोसों दूर है। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि यह कृत्य संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के सम्मान को ठेस पहुँचाने और प्रदेश की जनता को गुमराह करने के इरादे से किया गया है। विधायक ने इस वीडियो को बनाने और प्रसारित करने वालों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की है।
वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से एक बड़ी राशि की वसूली की है। विधायक पुरंदर मिश्रा के अनुसार, इस वीडियो में उपयोग की गई भाषा न केवल अभद्र है, बल्कि यह मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों के चरित्र हनन का प्रयास है। शिकायत में भारतीय न्याय संहिता 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) के प्रावधानों का हवाला देते हुए अपराधियों की त्वरित पहचान करने का आग्रह किया गया है। भाजपा नेताओं का तर्क है कि यह कंटेंट लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनता के भरोसे पर सीधा प्रहार है।
इस विवादित कैंपेन के दायरे में केवल मुख्यमंत्री और नितिन नवीन ही नहीं, बल्कि प्रदेश भाजपा के कई अन्य दिग्गज नेता भी शामिल हैं। शिकायत के अनुसार, इस दुष्प्रचार के जरिए उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव और संगठन महामंत्री पवन साय की छवि को भी नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया गया है। भाजपा नेताओं का मानना है कि यह केवल व्यक्तिगत हमला नहीं है, बल्कि सरकार की कार्यप्रणाली को अस्थिर करने का एक संगठित प्रयास है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता संजय श्रीवास्तव ने भी रायपुर एसएसपी के पास एक अलग शिकायत पत्र सौंपा। उन्होंने वायरल वीडियो को एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश बताया जो चुनाव या राजनीतिक लाभ के लिए गढ़ी गई हो सकती है। पुलिस को सौंपी गई शिकायत के साथ साक्ष्य के रूप में वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट, सोशल मीडिया पोस्ट के लिंक और उन संदिग्ध अकाउंट्स की सूची भी दी गई है जहाँ से यह कंटेंट सबसे पहले साझा किया गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे तत्काल साइबर सेल को सौंप दिया है।
शिकायतों का संज्ञान लेते हुए रायपुर पुलिस ने आधिकारिक तौर पर एफआईआर दर्ज कर ली है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि साइबर सेल अब इस पोस्ट की ‘ओरिजिन’ (शुरुआत) का पता लगाने में जुटी है। यह जांच की जा रही है कि वीडियो को सबसे पहले किसने अपलोड किया और इसे वायरल करने के लिए किन बॉट्स या नेटवर्क का सहारा लिया गया। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि गलत सूचना फैलाने वालों और इस प्रोपेगैंडा के पीछे के मास्टरमाइंड की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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