Nobel Prize 2026 : दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में शामिल नोबेल पुरस्कार को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। नोबेल फाउंडेशन ने 2026 के पुरस्कारों के लिए प्रत्येक श्रेणी में दी जाने वाली इनामी राशि बढ़ाने का फैसला किया है। अब हर नोबेल पुरस्कार के साथ विजेता या विजेताओं को कुल 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोनर की राशि दी जाएगी। यह रकम करीब 1.21 से 1.22 मिलियन अमेरिकी डॉलर के बराबर है। भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये से अधिक बैठती है।
2025 के मुकाबले एक मिलियन क्रोनर ज्यादा मिलेंगे
नोबेल फाउंडेशन के मुताबिक 2025 में प्रत्येक पुरस्कार की राशि 1.1 करोड़ स्वीडिश क्रोनर थी। अब इसे बढ़ाकर 1.2 करोड़ क्रोनर कर दिया गया है। यानी इस साल हर पुरस्कार की राशि में 10 लाख स्वीडिश क्रोनर की बढ़ोतरी हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक यह करीब नौ प्रतिशत की वृद्धि है। यदि किसी एक श्रेणी में पुरस्कार एक से अधिक विजेताओं को संयुक्त रूप से दिया जाता है, तो निर्धारित राशि संबंधित विजेताओं के बीच बांटी जाएगी।
125वीं वर्षगांठ के मौके पर लिया गया फैसला
2026 में नोबेल पुरस्कारों की शुरुआत के 125 साल पूरे हो रहे हैं। इसी ऐतिहासिक अवसर के बीच पुरस्कार राशि बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। नोबेल फाउंडेशन की कार्यकारी निदेशक हन्ना स्टजार्ने ने कहा कि राशि बढ़ाने का उद्देश्य पुरस्कार के दीर्घकालिक महत्व को बनाए रखना है। फाउंडेशन यह भी सुनिश्चित करना चाहता है कि आर्थिक परिस्थितियों और महंगाई के प्रभाव के बावजूद पुरस्कार का वित्तीय मूल्य समय के साथ कायम रहे।
1901 में पहली बार दिए गए थे नोबेल पुरस्कार
नोबेल पुरस्कारों का पहला वितरण वर्ष 1901 में हुआ था। ये पुरस्कार स्वीडिश उद्योगपति और आविष्कारक अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के आधार पर शुरू किए गए थे। शुरुआती दौर में प्रत्येक श्रेणी के पुरस्कार की राशि 1,50,782 स्वीडिश क्रोनर थी। इसके बाद अलग-अलग समय पर फाउंडेशन की वित्तीय स्थिति और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पुरस्कार राशि में बदलाव किया जाता रहा है।
छह प्रमुख क्षेत्रों में दिए जाते हैं नोबेल पुरस्कार
नोबेल पुरस्कार चिकित्सा, भौतिकी, रसायन विज्ञान, साहित्य और शांति के क्षेत्र में दिए जाते हैं। अर्थशास्त्र का पुरस्कार बाद में 1968 में स्वीडन के केंद्रीय बैंक की ओर से अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में स्थापित किया गया था। इसलिए वर्तमान में नोबेल पुरस्कार से जुड़ी छह प्रमुख श्रेणियों में हर साल विजेताओं की घोषणा होती है।
5 अक्टूबर से शुरू होगा 2026 का नोबेल सप्ताह
2026 के नोबेल पुरस्कारों की घोषणा 5 अक्टूबर से शुरू होगी और 12 अक्टूबर तक चलेगी। नोबेल सप्ताह की शुरुआत 5 अक्टूबर को फिजियोलॉजी या मेडिसिन पुरस्कार की घोषणा के साथ होगी। इसके बाद भौतिकी, रसायन विज्ञान, साहित्य और शांति पुरस्कारों की घोषणा क्रमशः की जाएगी। अंतिम दिन 12 अक्टूबर को आर्थिक विज्ञान के पुरस्कार की घोषणा के साथ घोषणाओं का सिलसिला पूरा होगा।
स्टॉकहोम और ओस्लो में होगी पुरस्कारों की घोषणा
नोबेल पुरस्कारों से जुड़ी घोषणाएं स्टॉकहोम और ओस्लो में की जाएंगी। चिकित्सा, भौतिकी, रसायन विज्ञान, साहित्य और आर्थिक विज्ञान से जुड़े पुरस्कारों की प्रक्रिया स्वीडन में होती है, जबकि नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा ओस्लो में की जाती है। पुरस्कारों की घोषणा के बाद विजेताओं को दिसंबर में नोबेल सप्ताह के दौरान सम्मानित किया जाता है। नोबेल फाउंडेशन के अनुसार पुरस्कार का उद्देश्य विज्ञान, साहित्य और शांति के क्षेत्र में मानवता के लिए महत्वपूर्ण योगदान को सम्मानित करना है।
2026 के विजेताओं पर दुनिया की नजर
नोबेल पुरस्कारों की 125वीं वर्षगांठ और बढ़ी हुई इनामी राशि के कारण 2026 का पुरस्कार वर्ष विशेष महत्व रखता है। 5 से 12 अक्टूबर के बीच अलग-अलग क्षेत्रों के विजेताओं के नाम सामने आने के साथ दुनिया भर के वैज्ञानिकों, लेखकों और शांति कार्यकर्ताओं की उपलब्धियों पर ध्यान केंद्रित होगा। इस बार बढ़ी हुई पुरस्कार राशि नोबेल सम्मान के वित्तीय पक्ष को भी पहले की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण बनाती है।
Read More : Nobel Prize in Economic 2025: आर्थिक विकास को समझाने वाले तीन अर्थशास्त्रियों को मिला 2025 का नोबेल पुरस्कार