Nobel Prize Physics 2025: स्वीडन की रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज आज (दिनांक) दोपहर 3:15 बजे फिजिक्स के नोबेल पुरस्कार की घोषणा करेगी। यह पुरस्कार उन वैज्ञानिकों को दिया जाता है जिनकी खोजें विज्ञान और तकनीक की दुनिया में क्रांतिकारी बदलाव लाती हैं और हमारे ब्रह्मांड तथा प्रकृति की समझ को गहरा करती हैं।
इस बार किस विषय पर हो सकता है नोबेल?
मीडिया रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक, इस बार फिजिक्स के नोबेल पुरस्कार क्वांटम कंप्यूटिंग, नैनोटेक्नोलॉजी या ऊर्जा के नए स्रोतों पर की गई रिसर्च को मिल सकता है। ये क्षेत्र विज्ञान और तकनीक के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। क्वांटम कंप्यूटिंग में हुई प्रगति हमारे कंप्यूटर और डेटा प्रोसेसिंग के तरीके को पूरी तरह बदल सकती है, जबकि नैनोटेक्नोलॉजी ने चिकित्सा, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऊर्जा क्षेत्रों में नई संभावनाएं खोली हैं।
विजेता वैज्ञानिक को 11 मिलियन स्वीडिश क्रोना (लगभग 10.3 करोड़ रुपये), सोने का मेडल और प्रमाणपत्र दिया जाएगा। यदि एक से अधिक वैज्ञानिक इस पुरस्कार के पात्र होते हैं, तो पुरस्कार राशि साझा की जाएगी। इस साल का पुरस्कार 10 दिसंबर को स्टॉकहोम, स्वीडन में भव्य समारोह के दौरान प्रदान किया जाएगा।
भारत से जुड़े दो नोबेल विजेता
भारत से अब तक दो वैज्ञानिक फिजिक्स के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं। इनमें से एक हैं प्रसिद्ध वैज्ञानिक सी.वी. रामन जिन्हें 1930 में प्रकाश के प्रकीर्णन (रमन प्रभाव) की खोज के लिए यह सम्मान मिला था। दूसरा नाम है विश्वनाथ प्रताप सिंह का, जिन्हें 1998 में क्वांटम इलेक्ट्रोडायनामिक्स के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए नोबेल पुरस्कार मिला।
कैसे होगी घोषणा?
रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज स्टॉकहोम स्थित नोबेल एकेडमी के सेशन हॉल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए विजेताओं के नामों का ऐलान करेगी। इसके सेक्रेटरी जनरल प्रेस वार्ता में विजेताओं के नाम, उनकी खोज की पृष्ठभूमि और उनके कार्य के प्रभाव को विस्तार से बताएंगे।
इस घोषणा को आप आधिकारिक वेबसाइट nobelprize.org, यूट्यूब चैनल या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लाइव स्ट्रीम के माध्यम से देख सकते हैं। यह पूरी प्रक्रिया विज्ञान प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए अत्यंत रोमांचक और जानकारीपूर्ण होती है।
फिजिक्स का नोबेल पुरस्कार विज्ञान की दुनिया में उत्कृष्टता का प्रतीक है। इस बार क्वांटम कंप्यूटिंग या नैनोटेक्नोलॉजी जैसे अत्याधुनिक विषयों पर पुरस्कार मिलने की उम्मीद है, जो भविष्य की तकनीकों को नया आयाम देंगे। भारत से जुड़े वैज्ञानिकों के इतिहास को देखते हुए यह और भी गर्व की बात होगी यदि भारतीय शोधकर्ताओं या उनके सहयोगियों को इस बार सम्मानित किया जाए।