Ayodhya News : अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में हाल ही में सामने आए चढ़ावा चोरी के मामले ने न केवल प्रशासन को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है। इस कथित चोरी की घटना पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना को पूरे समाज और मंदिर प्रबंधन के लिए ‘कलंक’ करार दिया है। मिश्रा ने अपने बयान में कहा कि दशकों के लंबे संघर्ष और करोड़ों लोगों की आस्था के बाद भगवान राम अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं। ऐसी स्थिति में मंदिर परिसर में हुई चोरी जैसी घटना अत्यंत शर्मनाक है, जिससे सभी भक्तजन और प्रबंधन खुद को छोटा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इस घटना को गंभीरता से लेते हुए व्यवस्था में तत्काल व्यापक सुधार किए जाएंगे।

प्रशासनिक व्यवस्था में होंगे बड़े बदलाव
नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि मंदिर की सुरक्षा और प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी व सुदृढ़ बनाने के लिए उच्च स्तरीय प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि मंदिर के CEO की नियुक्ति के लिए एक उच्च-स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है, जिसके माध्यम से जल्द ही उपयुक्त व्यक्ति का चयन किया जाएगा। इस पर अंतिम निर्णय श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा लिया जाएगा। मिश्रा का स्पष्ट मानना है कि व्यवस्था में खामियों को दूर करना और श्रद्धालुओं की सुविधाओं व दान-चढ़ावे की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।

मंदिर निर्माण और प्रबंधन की गहन समीक्षा
शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे नृपेंद्र मिश्रा ने राम जन्मभूमि परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर के प्रवेश द्वार, परकोटा क्षेत्र और यात्रियों के लिए निर्माणाधीन सुविधाओं की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य में लगी संस्थाओं और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यों की गुणवत्ता और निर्धारित समयसीमा की वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तृत रिपोर्ट ली। इसके साथ ही, हाल ही में लागू की गई नई प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन पर भी चर्चा की गई।
उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक और आगे की रणनीति
नृपेंद्र मिश्रा शनिवार (11 जुलाई) को राम कथा संग्रहालय में एक महत्वपूर्ण उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में संग्रहालय परिसर के विकास कार्यों के साथ-साथ मंदिर निर्माण की प्रगति का आकलन किया जाएगा। यह बैठक इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन पहली बार आधिकारिक रूप से शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक का मुख्य उद्देश्य निर्माण कार्यों को गति देना और मंदिर परिसर की कार्यप्रणाली को पूरी तरह से व्यवस्थित करना है। नृपेंद्र मिश्रा का यह दौरा प्रशासनिक बदलावों को सख्ती से लागू करने और भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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