Octopus Interesting Facts: फरवरी का महीना शुरू होते ही वैलेंटाइन वीक की धूम मच जाती है, जहाँ हर तरफ प्यार और ‘दिल’ लेने-देने की बातें होती हैं। इंसानी शरीर में तो केवल एक ही दिल होता है जो जीवन भर धड़कता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि समंदर की गहराइयों में एक ऐसा अनोखा प्राणी रहता है जिसके पास पूरे तीन दिल होते हैं? हम बात कर रहे हैं ऑक्टोपस की। प्रकृति की यह रचना जितनी विचित्र है, उतनी ही वैज्ञानिक रूप से दिलचस्प भी। इन तीन दिलों का काम भी अलग-अलग बटा हुआ है, जो इसे पानी के भीतर जीवित रहने में मदद करते हैं।

कैसे काम करते हैं ऑक्टोपस के तीन दिल? तैरते समय रुक जाती है धड़कन
ऑक्टोपस के शरीर में मौजूद तीन दिलों का प्रबंधन काफी व्यवस्थित है। इनमें से दो दिल ‘ब्रैन्कियल’ (Branchial) होते हैं, जिनका मुख्य काम शरीर के रक्त को गलफड़ों (Gills) तक पंप करना है ताकि वहां से ऑक्सीजन प्राप्त की जा सके। वहीं, तीसरा दिल, जिसे ‘सिस्टमिक’ दिल कहा जाता है, इस ऑक्सीजन युक्त शुद्ध रक्त को शरीर के बाकी अंगों और मांसपेशियों तक पहुँचाता है। एक हैरान करने वाली बात यह है कि जब ऑक्टोपस पानी में तेजी से तैरता है, तो उसका सिस्टमिक दिल काम करना बंद कर देता है। यही कारण है कि ऑक्टोपस बहुत जल्दी थक जाते हैं और वे तैरने के बजाय समंदर की सतह पर रेंगकर चलना अधिक पसंद करते हैं।
लाल नहीं बल्कि नीला होता है खून: तांबे की मौजूदगी का कमाल
इंसानों और अधिकांश जानवरों का खून हीमोग्लोबिन और आयरन (लोहे) की वजह से लाल होता है, लेकिन ऑक्टोपस का मामला बिल्कुल अलग है। ऑक्टोपस के रक्त में ‘हीमोसायनिन’ (Hemocyanin) नामक प्रोटीन पाया जाता है, जिसमें तांबा (Copper) मौजूद होता है। जब यह तांबा ऑक्सीजन के साथ मिलता है, तो रक्त का रंग नीला दिखाई देने लगता है। यह नीला खून ऑक्टोपस के लिए वरदान है, क्योंकि यह भीषण ठंड और कम ऑक्सीजन वाले गहरे समुद्री वातावरण में भी शरीर को ऑक्सीजन पहुँचाने में बहुत अधिक प्रभावी होता है।
नौ दिमाग वाला महाज्ञानी: हर भुजा के पास है अपनी सोचने की शक्ति
ऑक्टोपस की बुद्धिमानी का राज उसके नौ दिमागों में छिपा है। ऑक्टोपस के पास एक केंद्रीय मस्तिष्क (Central Brain) होता है जो उसके सिर में स्थित है। इसके अलावा, उसकी आठों भुजाओं (Arms) में भी छोटे-छोटे स्वतंत्र दिमाग होते हैं, जिन्हें ‘गैंग्लिया’ कहा जाता है। ये आठ दिमाग हर भुजा को स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने, किसी चीज का स्वाद चखने और तेजी से प्रतिक्रिया देने की अद्भुत शक्ति प्रदान करते हैं। यही कारण है कि ऑक्टोपस को दुनिया के सबसे बुद्धिमान अकशेरुकी (Invertebrate) जीवों में गिना जाता है।
गिरगिट से भी तेज रंग बदलने की कला: छलावरण में माहिर
ऑक्टोपस की एक और दिलचस्प विशेषता उसकी त्वचा का रंग बदलने की क्षमता है। अपने जटिल तंत्रिका तंत्र की बदौलत यह जीव पलक झपकते ही आसपास के वातावरण के अनुसार अपना रंग और त्वचा की बनावट (Texture) बदल सकता है। यह गुण उसे शिकारियों से बचने और खुद शिकार करने में बहुत मदद करता है। वैज्ञानिक इसे एक ‘वितरित तंत्रिका तंत्र’ (Distributed Nervous System) का चमत्कार मानते हैं, जो इसे एक कुशल शिकारी और उत्तरजीवी बनाता है।
कम उम्र में ही खत्म हो जाती है जिंदगी: प्रजातियों पर निर्भर करती है आयु
इतनी शारीरिक खूबियों के बावजूद, ऑक्टोपस की उम्र काफी कम होती है। उनकी जीवन अवधि प्रजाति के आधार पर केवल 6 महीने से लेकर 5 साल तक ही होती है। उदाहरण के लिए, छोटा और जहरीला ‘ब्लू-रिंग्ड ऑक्टोपस’ केवल 1 से 2 साल ही जीवित रहता है, जबकि ‘विशाल प्रशांत ऑक्टोपस’ (Giant Pacific Octopus) की उम्र अधिकतम 5 साल तक हो सकती है। प्रकृति का यह नियम बड़ा ही कठोर है कि इतने विकसित दिमाग वाला जीव बहुत कम समय के लिए इस दुनिया में आता है।
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