Odisha News: ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) आरएस गोपालन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानी VRS लेने के लिए आवेदन किया है। 2001 बैच के ओडिशा कैडर के IAS अधिकारी गोपालन ने अपने आवेदन में व्यक्तिगत और स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला दिया है। हालांकि, उनके आवेदन पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। वह जुलाई 2024 से ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
आबकारी विभाग का भी अतिरिक्त प्रभार
CEO की जिम्मेदारी के अलावा आरएस गोपालन के पास आबकारी विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी है। उनका प्रशासनिक करियर करीब 25 वर्षों का रहा है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। उनके VRS आवेदन के बाद प्रशासनिक और चुनावी हलकों में इस फैसले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
जून 2028 में होना था रिटायरमेंट
आरएस गोपालन की नियमित सेवानिवृत्ति जून 2028 में होनी थी। ऐसे में उनका VRS आवेदन निर्धारित सेवानिवृत्ति से पहले सेवा छोड़ने की इच्छा को दर्शाता है। हालांकि, VRS स्वीकार किए जाने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वह कब तक अपने पद पर बने रहेंगे। फिलहाल संबंधित स्तर पर उनके आवेदन पर प्रक्रिया जारी है।
स्वास्थ्य कारणों को बताया फैसले की वजह
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, आरएस गोपालन ने स्पष्ट किया है कि VRS लेने का उनका फैसला स्वास्थ्य और व्यक्तिगत कारणों से जुड़ा है। उन्होंने इस निर्णय को विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जोड़कर नहीं देखने की बात कही है। गोपालन के अनुसार, वह पिछले कुछ महीनों से सेवा छोड़ने पर विचार कर रहे थे और कुछ व्यक्तिगत मामलों पर ध्यान देना चाहते हैं।
SIR के बीच आया VRS आवेदन
गोपालन का आवेदन ऐसे समय सामने आया है, जब ओडिशा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। ओडिशा में SIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 21 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी। इस सूची में कुल 3,16,32,754 मतदाता दर्ज किए गए हैं।
अंतिम सूची में 17.67 लाख नाम कम हुए
SIR से पहले ओडिशा की मतदाता सूची में 3,33,99,591 मतदाता थे। अंतिम सूची में यह संख्या घटकर 3,16,32,754 रह गई। यानी पुनरीक्षण के बाद करीब 17.67 लाख नाम कम हुए हैं। चुनाव अधिकारियों के अनुसार हटाए गए नामों में मृत मतदाता, दूसरी जगह स्थानांतरित हो चुके लोग, डुप्लीकेट प्रविष्टियां और सत्यापन के दौरान नहीं मिले मतदाता शामिल हैं।
विपक्ष ने मतदाता सूची पर उठाए सवाल
अधिकारियों के मुताबिक SIR प्रक्रिया के दौरान 3.13 करोड़ से अधिक गणना फॉर्म वापस प्राप्त हुए, जबकि करीब 20.12 लाख फॉर्म वापस नहीं आए। दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने अंतिम मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। इस राजनीतिक बहस के बीच CEO के VRS आवेदन ने भी ध्यान आकर्षित किया है।
SIR पूरा होने तक इंतजार करने की बात
आरएस गोपालन ने अपने निर्णय को SIR से अलग बताते हुए कहा कि उन्होंने प्रक्रिया और अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन तक इंतजार किया। उनके अनुसार, VRS का फैसला किसी चुनावी प्रक्रिया या राजनीतिक घटनाक्रम से संबंधित नहीं है। वह करीब दो वर्षों से ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
प्रशासनिक करियर में संभालीं कई जिम्मेदारियां
करीब 25 साल के प्रशासनिक करियर में गोपालन ने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। वह UIDAI में डिप्टी डायरेक्टर जनरल, श्रम विभाग के सचिव और कृषि निदेशक जैसी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। विभिन्न विभागों में उनके प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए VRS आवेदन राज्य के प्रशासनिक हलकों में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
ओडिशा में दूसरा बड़ा सेवा त्याग
आरएस गोपालन का VRS आवेदन इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इससे पहले ओडिशा कैडर के IPS अधिकारी जगमोहन मीणा ने भी सरकारी सेवा से इस्तीफा दिया था। उनका इस्तीफा केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में स्वीकार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। ऐसे में एक वरिष्ठ IAS अधिकारी के VRS आवेदन ने ओडिशा के प्रशासनिक गलियारों में चर्चा बढ़ा दी है।
Read More : CGPSC Mains Result: हाईकोर्ट ने पुनर्मूल्यांकन की मांग खारिज की, 608 अभ्यर्थियों का इंटरव्यू होगा